जानिए, क्या है मोदी का ‘ब्रांड बनारस’
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‘मां गंगा और बनारस से पुराना नाता है’ और ‘मां गंगा ने बुलाया है’ जैसे जुमलों से काशीवासियों के दिल में जगह बनाने वाले नरेंद्र मोदी अब ‘ब्रांड बनारस’ की बात करते नजर आएंगे।
भारतीय जनता पार्टी मंगलवार को मोदी के सपने पर आधारित विजन बनारस डाक्यूमेंट जारी करने जा रही है।
इसमें बनारस को वैश्विक स्तर पर भारत का ब्रांड बनाने की बात कही गई है। बनारस को ब्रांड के रूप में तब्दील करने के लिए बुनकर, गंगा और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
बुनकरों के लिए फाइव एफ कान्सेप्ट, गंगा के लिए रिवर फ्रंट डेवलेपमेंट
इसमें वाराणसी में देश का पहला पर्यटन विश्वविद्यालय खोलने की भी योजना शामिल है। यह प्रोजेक्ट हावर्ड, कैंब्रिज, मैसाच्युटे्स के साथ-साथ आईआईएम अहमदाबाद और आईआईटी प्रोफेशनल्स ने तैयार किया है।
मोदी के विजन डाक्यूमेंट ‘ब्रांड बनारस’ में बुनकरों के लिए फाइव एफ (फॉर्म, फाइबर, फैब्रिक, फैशन और फॉरेन) कान्सेप्ट पर प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
इसमें बुनकरों के लिए एक ऐसे फॉर्म की कल्पना की गई है जिसमें उन्हें फाइबर और फैब्रिक मिलेगा। बुनकरों को नए ट्रेंड का वैश्विक फैशन पता होगा और उन्हें विदेशी बाजार मुहैया कराया जाएगा। बुनकरों की तकनीकी सहायता और बुनियादी सुविधाएं भी मिलेंगी।
काशी में खुलेगा देश का पहला टूरिज्म विश्वविद्यालय
काशी के पर्यटन को भी वैश्विक स्तर पर ब्रांड के रूप में दर्शाने के लिए यहां देश का पहला टूरिज्म विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा इस विजन डाक्यूमेंट का प्रमुख हिस्सा है।
इस यूनिवर्सिटी में न केवल हाई क्लास प्रोफेशनल तैयार करने की योजना है बल्कि ऑटो और टैक्सी ड्राइवर, गाइड, टूरिस्ट वालंटियर को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
पर्यटन के विकास के लिए बुनियादी सुविधाएं हों, विजन डाक्यूमेंट में इसका भी जिक्र होगा।
गंगा के लिए भी रिवर फ्रंट डेवलेपमेंट की योजना
दिसंबर की रैली से लेकर नामांकन तक और अब प्रचार में, लगातार गंगा की बात करने वाले मोदी के विजन डाक्यूमेंट में प्रदूषण मुक्त गंगा का सपना दिखाया गया है।
इसमें साबरमती रिवर फ्रंट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट की तरह गंगा के लिए भी रिवर फ्रंट डेवलेपमेंट की योजना बनाई गई है।
विजन डाक्यूमेंट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि अब तक गंगा के लिए अरबों रुपये खर्च हुए हैं लेकिन पतित पावनी गंगा का प्रदूषण दूर नहीं हो पाया है।
मार्च में ही शुरू हो गया था काम
मोदी का चुनाव प्रबंधन देख रहे एक बड़े भाजपा पदाधिकारी का कहना है कि मोदी ने ब्रांड बनारस की शुरुआत तभी कर दी जब संघ ने उन्हें वाराणसी से लड़ने के संकेत दिए थे।
उसके बाद मोदी की मैनेजमेंट टीम में शामिल आईआईटी, आईआईएम अहमदाबाद और हावर्ड, मैसाच्युटे्स, कैंब्रिज विश्वविद्यालय के भारतीय मूल के हाइली क्वालीफाइड प्रोफेशनल्स ने वाराणसी में करीब एक महीने रुक कर अलग-अलग इलाकों और विषय वस्तु के अनुसार
‘ब्रांड बनारस’ का विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है।