'मोदी पर आरोप लगाने वाले के महिलाओं से अवैध संबंध'
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गुजरात सरकार ने बुधवार को इल्जाम लगाया कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर महिला आर्किटेक्ट की सर्विलांस कराने के आदेश जारी करने का आरोप मढ़ने वाले निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा कई अवैध रिश्तों में शामिल रहे हैं।
मोदी सरकार ने प्रदीप पर अमेरिका में हवाला कारोबार का आरोप भी लगाया है। शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी उनके खिलाफ जारी चार मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए।
उनका कहना है कि मोदी सरकार ने उन्हें जानबूझकर झूठे मामले में फंसाया है, क्योंकि उसे यह डर था कि वो महिला आर्किटेक्ट और मुख्यमंत्री के रिश्ते के बारे में जानते हैं।
प्रदीप शर्मा का फोन सर्विलांस पर रखा
प्रदीप शर्मा ने महिला की सर्विलांस कराने से जुड़े मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह भी किया। प्रदीप के भाई और आईपीएस अफसर कुलदीप शर्मा को रिटायरमेंट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय में सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया है।
वेब पोर्टल ने टेलीफोन पर हुई बातचीत का कुछ ब्योरा अपलोड किया था, जिसमें गुजरात के पूर्व मंत्री अमित शाह किसी साहेब के इशारे पर अधिकारियों को महिला पर निगाह रखने का आदेश दे रहे हैं।
शर्मा का कहना है कि यह साहेब कोई और नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी हैं। लेकिन गुजरात सरकार ने इन आरोपों की सीबीआई से जांच कराने का विरोध करते हुए उल्टे प्रदीप पर कई आरोप मढ़ दिए हैं।
मोदी सरकार का केंद्र सरकार पर आरोप
गुजरात सरकार ने कहा, "गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार की मिलीभगत के चलते रणनीतिक वक्त पर दो वेब पोर्टल पर अविश्वसनीय मेटेरियल डालकर विवाद खड़ा किया गया।"
शर्मा के आवेदन पर अदालत के नोटिस का जवाब देते हुए गुजरात ने कहा कि याचिकाकर्ता ने मोदी के खिलाफ लगाए गए व्यक्तिगत आरोप न हटाकर अवमानना की है, क्योंकि 12 मई, 2011 को अदालत ने ऐसा आदेश दिया था।
गुजरात सरकार का कहना है कि यह खुफिया जानकारी मिली थी कि प्रदीप शर्मा राष्ट्रविरोधी हरकतों में शामिल हैं, इसके बाद 2009 में उनका फोन सर्विलांस पर रखा गया।
'प्रदीप के कई महिलाओं से अवैध संबंध रहे'
गुजरात सरकार के मुताबिक इस सर्विलांस के तहत मिली जानकारी को चार श्रेणियों में रखा गया है। पहला शर्मा ने या उनके इशारे पर भारत से बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुआ। उनकी पत्नी अमेरिका में थी और यह दुबई के एजेंट या किसी और जरिए से किया गया। इस मामले की जांच जारी है।
इसके अलावा कई बेनामी संपत्ति उनके पास है और नियमों के तहत प्रशासन को जो जानकारी दी जानी चाहिए थी, वो नहीं दी गई। इसके अलावा शर्मा के पास बड़े पैमाने पर संपत्ति है, जो आय के ज्ञात स्रोत से ज्यादा है।
गुजरात सरकार का कहना है कि इसी सर्विलांस से पता चला कि शर्मा के कई विवाहित महिलाओं के साथ अवैध रिश्ते हैं। इसके अलावा वो अपने सहयोगी महिला अधिकारियों और रिश्तेदारों की बीवियों के साथ पोर्नोग्राफी या अश्लील बातचीत करते रहे हैं।
'महिला आर्किटेक्ट ने क्लीप चिट दी'
गुजरात सरकार का कहना है स्नूपगेट के जरिए जिस महिला आर्किटेक्ट को निशाने पर लिया गया था, वो गुजरात महिला आयोग के सामने पेश होकर मोदी को क्लीन चिट दे चुकी है। वो अपने पिता और पति के साथ वहां गई थी।
राज्य सरकार के मुताबिक युवती ने सरकारी एजेंसियों को इसके लिए धन्यवाद भी दिया। सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में शर्मा की टेलीफोन बातचीत का ब्योरा दिया गया है, जो कथित तौर पर उनके अवैध संबंधों की पोल खोलती है।
इसमें कहा गया है, "ये तथ्य राज्य सरकार ने कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं रखे, हालांकि साल 2009 से ये चीजें राज्य की एजेंसियों के पास मौजूद थीं। ये चीजें अब तक इसलिए सामने नहीं लाई गईं, क्योंकि वो यह नहीं दिखाना चाहती थी कि शर्मा के खिलाफ बदले की कार्रवाई हो रही है।"