फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi attacking regional parties

यह काम करके मोदी अपने ही पैर पर मार रहे कुल्हाड़ी?

Wed, 30 Apr 2014 12:52 PM IST
हरीश लखेड़ा/अमर उजाला, नई दिल्ली
हरीश लखेड़ा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 30 Apr 2014 12:52 PM IST
विज्ञापन
modi attacking regional parties

दिल्ली तख्त को लेकर अति आत्मविश्वास में दिख रहे भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कांग्रेस से लड़ते लड़ते अब क्षेत्रीय दलों से भी भिड़ने लगे हैं।

विज्ञापन


कभी एनडीए की साथी रही ममता बनर्जी और अटल सरकार में शामिल रहे नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला के साथ मोदी की जुबानी जंग काफी तीखी हो गई है। ऐसे में पार्टी में दबी जुबान में सवाल उठने लगे हैं कि कहीं क्षेत्रीय दलों से यह सियासी दुश्मनी भारी न पड़ जाए।
विज्ञापन


पार्टी नेताओं को यह चिंता भी सताने लगी है कि अगर भाजपा के ‘मिशन 272 प्लस’ में कुछ कमी रह जाती है, तो कहीं इन्हीं दलों की शरण में न जाना पड़ जाए।

ममता-जया को कर चुके नाराज

modi attacking regional parties

ममता से पहले मोदी चेन्नई में सुपर स्टार रजनीकांत के घर जाकर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को भी नाराज कर चुके हैं। जबकि जयललिता और मोदी की दोस्ती जगजाहिर रही है।

माना जाता रहा है कि चुनाव बाद अन्नाद्रमुक भी एनडीए को समर्थन दे सकता है। अब मोदी ने पश्चिम बंगाल में शारदा चिट फंड मामले की जांच की बात कह कर ममता से भी पंगा ले लिया है।

दोनों पार्टियों में संबंध इस कदर खराब हो गए कि तृणमूल ने मोदी को ‘कसाई’ तक कह डाला जबकि भाजपा इसके खिलाफ चुनाव आयोग चली गई। हालत यह है कि मोदी के लिए कई क्षेत्रीय दल आग उगल रहे हैं।

जदयू से टूट चुके हैं रिश्ते

modi attacking regional parties

बिहार में जदयू से भाजपा के रिश्ते पहले की टूट चुके हैं। जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती भी मोदी के नाम पर शायद ही भाजपा को समर्थन दे। सपा तो खुले तौर पर मोदी के विरोध में है।

दरअसल, मोदी की लहर के चलते भाजपा कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास में दिख रही है।

पश्चिम बंगाल में भी उसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, जबकि उनका आकलन है कि प्रदेश के 28 फीसदी मुस्लिम समुदाय के चलते ममता अब शायद ही एनडीए को समर्थन देगी। इसलिए मोदी ने ममता पर हमला किया।

विज्ञापन

क्या होगा अगर कम पड़ गए सीट?

modi attacking regional parties

नकवी कहते हैं कि मोदी की लहर के कारण कांग्रेस समेत सभी दल निराश हो गए हैं, इसलिए वे मिलकर मोदी पर हमला कर रहे हैं। भाजपा इस बार 427 सीटों पर मैदान में है।

एनडीए में उसके साथ शिवसेना व अकाली दल ही प्रमुख दल हैं।

हालांकि अब टीडीपी, हरियाणा जनहित कांग्रेस, आरपीआई (अठावले), अपना दल समेत एक दर्जन छोटे दलों को भाजपा अपने साथ जोड़ चुकी है, लेकिन लोकसभा में संख्या बल कम होने पर उसे क्षेत्रीय दलों की ओर देखना पड़ सकता है। इसलिए मोदी का इस दलों से भिड़ना भाजपा के ही एक वर्ग को उचित नहीं लग रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed