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मोदी के एक तीर से ‘सबका’ पर हमला

Fri, 24 Jan 2014 09:40 AM IST
राजन राय, रत्नेश्वर पांडेय/अमर उजाला, गोरखपुर
राजन राय, रत्नेश्वर पांडेय/अमर उजाला, गोरखपुर Updated Fri, 24 Jan 2014 09:40 AM IST
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modi attack on sp bsp and congress

भाजपा पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने विकास का तीर चलाकर ‘सबका’ यानी सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। तर्कों के आधार पर जहां बेहतर करने की नसीहत दी वहीं गरीबी, बेरोजगारी और सुरक्षा का मुद्दा उठाकर लोगों का दर्द साझा किया।

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पूरे भाषण में सुशासन पर जोर रहा। बदलती हवा का रुख बताकर यह संकेत भी दिया कि अब दलित और आदिवासी इलाकों में भी भाजपा की पैठ बन गई है। यूपी में बेरोजगारी और सुरक्षा पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि एक बेटा जब ट्रेन में बैठता है तो मां हर घंटे पर फोन करके पूछती है कि सुरक्षित हो, सामान तो गायब नहीं है।
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बेटा कहता है सो जा मां सब कुछ ठीक है, लेकिन मां पूरी रात बार-बार बेटे का हालचाल जानने को परेशान रहती है और जब ट्रेन गुजरात की सीमा में प्रवेश करती है तो बेटा फोन कर कहता है कि मां ट्रेन अब गुजरात की सीमा में दाखिल हो गई है, तब मां कहती है कि बेटा अब मुझे कोई फिक्र नहीं है। मोदी ने कहा कि यह फर्क है यूपी और गुजरात में।

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'गरीबों की हिमायती नहीं है कांग्रेस'

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बसपा और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के खिसकने का जिक्र करते हुए कहा कि वोट बैंक के कुछ ठेकेदार दलित और आदिवासी को अपनी जेब में समझते थे। भाजपा को नसीहत देते थे कि उनका खाता नहीं खुलेगा, लेकिन वर्ष 2013 का चुनाव उनके लिए ट्रेलर था।

राजस्थान की 34 सीटें अनुसूचित जाति बहुल थीं और उसमें 32 सीटें हमने पाई, मध्यप्रदेश में 35 में से 28 सीटें आई। छत्तीसगढ़ में आदिवासी क्षेत्रों की 10 में से 9 सीटें पार्टी के खाते में आई जबकि कांग्रेस को एक सीटें हासिल हुई।

उन्होंने पांच और 12 रुपये में भोजन की बात उठाकर कांग्रेस पर निशाना साधा, साथ ही यह जताने की कोशिश की कि कांग्रेस गरीबों की हिमायती नहीं है बल्कि उसकी मंशा है कि लोग गरीब बने रहे।

हर मुद्दे पर मोदी का बदलता रहा टोन

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मीलों सफर तय करके आई भीड़ को नरेंद्र भाई मोदी के बोलने की अदा खूब पसंद आई। मोदी भी पूरी रंगत में थे। हर मुद्दे पर उनका टोन बदलता रहा। कभी भावुक होकर नौजवानों की बेबसी का बात की तो विकास के मुद्दे पर मुलायम को बेहद चुटकीले अंदाज में नसीहत दी।

कांग्रेस को निशाने पर लिया तो तेवर आक्रामक हो गया और जब गुजरात के विकास का जिक्र किया तो एक चिंतक की भूमिका में नजर आए। मोदी के हर बदलते टोन पर भीड़ ने जमकर तालियां बजाई और एक सुर से मोदी...मोदी...मोदी की गूंज सुनाई पड़ने लगी। भीड़ की मंशा भाप मोदी भी अपनी बातों को बेहद रोचक अंदाज में पेश कर रहे थे।

बीच-बीच में लोगों से संवाद करना, अपने सवालों पर जनता की राय जानने की कोशिश और हाथ उठाकर लोगों की सहमति लेने के अंदाज को लोगों ने खूब सराहा। मोदी ने जब कहा कि शासक को देख चुके हैं, एक बार सेवक को चुनकर देखें, यकीन करें आप सबके जिंदगी की तस्वीर बदल कर रख देंगे, तब भीड़ से वी वांट मोदी...वी वांट मोदी के नारे लगने लगे।

भाजपा में जान फूंक गए मोदी

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गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ के भगवा एजेंडे के साथ पूर्वांचल में अस्तित्व बचाए भारतीय जनता पार्टी में नरेंद्र मोदी ने नई ऊर्जा भर दी है। मानबेला में जुटी भीड़ ने पार्टी ही नहीं नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए संजीवनी का काम किया है।

एक दौर में पूर्वांचल की दो तिहाई सीटों पर अपना परचम लहराने वाली भाजपा वजूद की लड़ाई लड़ रही है। लेकिन बृहस्पतिवार की रैली की सफलता से उत्साहित नेता अब लोकसभा की सभी 13 सीटों पर जीत का दावा जताने लगे हैं।

1998 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल की कुल 13 सीटों से सात सीटें भाजपा की झोली में गईं थीं। उसके बाद से पार्टी का अवसान शुरू हुआ।

2009 में मिली थी सिर्फ तीन सीटें

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2009 में सिर्फ तीन सीटों में सिमट गई। वर्तमान में गोरखपुर के अलावा बांसगांव और आजमगढ़ की लोकसभा सीट ही भाजपा के पास है। यह पार्टी के लिए चिंता का विषय था। लिहाजा उसने कई स्थानीय नेताओं का कद बढ़ाकर पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कोशिश की गई।

सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी को मजबूत करने का प्रयोग किया गया लेकिन कोई हथकंडा काम न आया। अकेले योगी ही भगवा एजेंडे के सहारे पार्टी को चलाते रहे। लेकिन मोदी की रैली से नेताओं की बांछे खिल गईं।

पार्टी नेताओं का दावा है कि गोरखपुर के इतिहास में किसी रैली में इतनी भीड़ नहीं जुटी है। सुराज यात्रा के दौरान लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज भी इतनी भीड़ नहीं जुटा पाए थे।

'भाजपा इस बार जीतेगी 13 सीटें'

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भाजपा के प्रदेश मंत्री समीर सिंह कहते हैं कि पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को तीन सीटें मिली थीं जबकि लालगंज, देवरिया, खलीलाबाद और सिद्धार्थनगर में दूसरे स्थान पर रही। इस बार सभी 13 सीटों पर पार्टी जीतेगी।

पार्टी के राज्य मीडिया प्रभारी चंद्र मोहन सिंह भी कहते हैं जब से नरेंद्र मोदी ने प्रचार शुरू किया है तब से बैठकों में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। यह बदलते दौर का सूचक है।मानबेला में हुई रैली के दौरान भी बडे़ नेताओं को पूर्वांचल की स्थिति का अंदाजा था।

इसलिए प्रदेश अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भीड़ के सामने झोली फैलाकर सभी सीटों पर जिताने का भरोसा लिया। वहीं भीड़ से गद्गद नरेंद्र मोदी ने भी लोगों की नब्ज पकड़ते हुए उनके प्यार को ब्याज समेत लौटाने का वादा कर डाला।

सपा की रैली पर भी रही नमो की नजर

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नरेंद्र मोदी गुरुवार को जब गोरखपुर में विजय शंखनाद रैली को संबोधित कर रहे थे, ठीक उसी समय रामनगर में हो रही समाजवादी पार्टी की देश बनाओ-देश बचाओ रैली पर यूपी भाजपा के प्रभारी अमित शाह की नजर थी। शाह अपने कार्यकर्ताओं से दोनों रैलियों का पूरे समय तक फीडबैक लेते रहे।

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी और उनके करीबी अमित शाह के साथ शाम 4:25 बजे गोरखपुर से हेलीकाप्टर से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। मोदी और राजनाथ ने रनवे पर 15 मिनट तक गुफ्तगू की। इस दौरान दोनों नेताओं ने सपा की रैली में जुटी भीड़ और रैली में सपा की ओर से उठाए गए मुद्दों पर भी चर्चा की।

इसके बाद अमित शाह के साथ मोदी चार्टर विमान से शाम 4:47 बजे अहमदाबाद रवाना हो गए जबकि राजनाथ सिंह ने पुराने टर्मिनल भवन में स्थानीय क्षत्रपों से मुलाकात कर चुनाव के संबंध में संगठन की तैयारियों की जानकारी हासिल की। इस मुलाकात में भाजपा अध्यक्ष ने सपा की रैली के बारे में भी जानकारी हासिल की। इसके बाद शाम 5:35 बजे विशेष विमान से दिल्ली चले गए।

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