फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Modi Adopted Jayapur Village in Varanasi

मोदी ने जयापुर गांव को ही क्यों गोद लिया?

Fri, 07 Nov 2014 03:41 PM IST
Updated Fri, 07 Nov 2014 03:41 PM IST
विज्ञापन
Modi Adopted Jayapur Village in Varanasi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र के जिस जयापुर गांव को ‘आदर्श गांव’ बनाना चाहते हैं उस गांव की मौजूदा तस्वीर बेहद निराश करने वाली है। लगभग 4200 की आबादी वाले इस गांव में न तो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और न ही शौचालय। स्कूल के नाम पर महज एक प्राथमिक पाठशाला है।

विज्ञापन


चार किलोमीटर के दायरे में फैले गांव के 80 फीसदी लोग साक्षर हैं। बावजूद इसके नागरिक सुविधाओं की हालत यहां खस्ता है। बिजली, पीने के लिए साफ पानी, नाली, संपर्क मार्ग कुछ भी नहीं है इस गांव में। जो थोड़ी-बहुत सुविधाएं हैं भी तो चंद लोगों के निजी प्रयास से और उन्हीं के लिए हैं।
विज्ञापन


आराजीलाइन ब्लाक के इस गांव की प्रधान हैं दुर्गावती देवी। यह उनका दूसरा कार्यकाल है। हालांकि प्रधानी का सारा कामकाज उनके देवर श्रीनारायण पटेल ही संभालते हैं। कुर्मी बहुल इस गांव में परिवहन की भी कोई सुविधा नहीं है। खेत की सिंचाई के लिए लोग निजी संसाधनों से पानी का जुगाड़ करते हैं। यहां एक भी सरकारी नलकूप नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

न इंदिरा आवास और न खेल का मैदान

Modi Adopted Jayapur Village in Varanasi

बीपीएल सूची का हाल तो सबसे बुरा है। साल 2002 के बाद से यहां बीपीएल सूची बनाई ही नहीं गई। इस वजह से तमाम पात्र ग्रामीण भी बीपीएल परिवारों को मिलने वाले लाभ से वंचित हैं। गांव में न तो एक भी इंदिरा आवास है और न ही खेल का कोई मैदान। दस फीसदी घरों में ही शौचालय है। शेष 90 फीसदी लोग आज भी शौच के लिए खेतों में जाते हैं। गांव का इतिहास चार सौ साल पुराना है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां होने वाली गन्ने की बढ़िया पैदावार है। यहां साल में दो बार गन्ना पैदा होता है।

जयापुर के लोगों से मुखातिब होंगे पीएम
पीएम मोदी शुक्रवार यानी सात नवंबर को दोपहर 11:50 बजे हेलीकाप्टर से जयापुर पहुंचेंगे। यहां वह एक घंटे रुकेंगे। इस दौरान आदर्श ग्राम योजना के तहत जयापुर गांव को गोद लेने का ऐलान करने के साथ ही आसपास के गांव से आए लोगों को संबोधित भी करेंगे।

पीएम की अगवानी के लिए जयापुर सज-धजकर तैयार है। गांव की ही दो छात्राओं ने पीएम के स्वागत में गीत तैयार किया है। गुरुवार को देर शाम तक गांव में पुलिस और प्रशासनिक अमला डटा रहा। भाजपा नेताओं की टोली भी अपनी जिम्मेदारियों को अमलीजामा पहनाने में व्यस्त रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed