फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi accepted Jasodaben as his wife

मोदी ने अपनी पत्नी पर किया चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 10 Apr 2014 10:09 AM IST
Updated Thu, 10 Apr 2014 10:09 AM IST
विज्ञापन
modi accepted Jasodaben as his wife

आखिरकार वडोदरा में नामांकन भरते समय नरेंद्र मोदी ने जसोदाबेन को अपनी पत्नी स्वीकार कर ही लिया।

विज्ञापन


पिछले चार विधानसभा चुनावों में पत्नी के नाम का कॉलम खाली छोड़ने वाले मोदी ने इस बार इस कॉलम में नाम लिखा - 'जसोदाबेन'।

मोदी के इस स्पष्टीकरण से जहां उनके समर्थक असंमजस में हैं वहीं विरोधियों की बांछें खिल गई है।

विरोधी कह रहे हैं कि अब मोदी की लोकप्रियता में भारी कमी आएगी क्योंकि जसोदाबेन की व्यथा देखकर महिलाएं मोदी को वोट नहीं देंगी।

पत्नी तो माना लेकिन आय की जानकारी नहीं

modi accepted Jasodaben as his wife

टीएनएन नेटवर्क के अनुसार जब भारी भीड़ के साथ मोदी नामांकन करने पहुंचे तो लोगों में इस बात की सगबुगाहट थी कि क्या इस बार भी मोदी पत्नी वाला कॉलम खाली छोड़ देंगे।

लेकिन उम्मीदों के उलट इस बार मोदी ने जसोदाबेन को पत्नी मानते हुए उनका नाम लिख दिया।

मोदी ने कॉलम में जसोदाबेन का नाम लिखा लेकिन जसोदाबेन की आय, आईटी रिटर्न और पैन नंबर की जानकारी होने से इनकार कर दिया।


विज्ञापन
विज्ञापन

चार बार खाली छोड़ चुके हैं कॉलम

modi accepted Jasodaben as his wife

63 साल के हो चुके मोदी अभी तक खुद को अविवाहित कहते आ रहे हैं। जसोदाबेन के सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद भी मोदी इस मसले पर चुप्पी साध लेते थे। यहां तक कि 2001, 2002, 2007 और 2012 में विधानसभा चुनावों में मोदी ने पत्नी वाला कॉलम खाली ‌छोड़ दिया था।

2001 में राजकोट में विधानसभा उप चुनाव के दौरान कांग्रेस ने मोदी की पत्नी का मुद्दा उठाकर भुनाने की कोशिश की थी। तब कांग्रेस ने घर घर पैम्पलेट बंटवा कर जसोदाबेन का मसला उछाला था। लेकिन मोदी कभी भी इस मसले पर कुछ नहीं बोले।

मोदी के इस कदम से उनके समर्थक भले ही असमंजस में हो लेकिन विरोधियों की बांछे खिल गई है। कांग्रेसी प्रतिद्वंदी का कहना है कि मोदी द्वारा जसोदाबेन को पत्नी मानने से उनकी लोकप्रियता में कमी आएगी।

मोदी महिला सशक्तिकरण की बातें करते हैं लेकिन उनकी पत्नी की व्यथा जानकर देश की महिलाएं मोदी का साथ कतई नहीं देंगी।

विज्ञापन

यूं ही नहीं माने मोदी

modi accepted Jasodaben as his wife

हालांकि ऐसा नहीं है कि मोदी खुद जसोदाबेन का नाम लिखना चाहते थे। भाजपा के लीगल एक्सपर्ट ने कहा कि इस बार उनकी पत्नी का मुद्दा इस कदर गरमा गया है कि उस कॉलम को छोड़ना खतरे से खाली नहीं होगा।

मोदी को सलाह दी गई कि इस मुद्दे पर मोदी को अपना पक्ष स्पष्ट रखना होगा अन्यथा उनके चुनाव को रद्द भी किया जा सकता है।

जनप्रतिनिधि एक्ट 1951 के अनुसार हर प्रत्याशी को अपने जीवनसाथी की सही जानकारी देनी जरूरी है। यहां तक कि जीवनसाथी की आय और आय के साधन की ‌जानकारी भी फार्म में लिखनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed