आने वाले हैं अच्छे दिन, सस्ती होंगी कॉल दरें
भारतीय दूरसंचार नियामक आयोग (ट्राई) की तरफ से नेटवर्क शुल्क में कटौती से फोन उपभोक्ताओं को दूरदराज के कॉल (एसटीडी) के लिए पहले के मुकाबले कम कीमत चुकानी पड़ेगी। एक दूसरे के नेटवर्क के माध्यम से कॉल करने पर एक आपरेटर दूसरे ऑपरेटर को नेटवर्क इस्तेमाल करने के बदले शुल्क देते हैं।
ट्राई ने इस नेटवर्क शुल्क में 30 फीसदी तक की कटौती की है। मोबाइल ऑपरेटर को दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क का एक मिनट के इस्तेमाल के बदले पहले 20 पैसे प्रति मिनट बतौर शुल्क देना पड़ता था जो अब घटकर 14 पैसा रह गया है।
लैंडलाइन से लैंडलाइन या मोबाइल फोन पर कॉल करने पर इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज (आईयूसी) का भुगतान आपरेटर को नहीं करना पड़ेगा। पहले उन्हें प्रतिमिनट 20 पैसे की दर से यह भुगतान करना पड़ता था।
ट्राई ने नेटवर्क शुल्क में की है 30 फीसदी तक कटौती
टेलीकॉम विशेषज्ञों के मुताबिक ट्राई के इस फैसले से निश्चित रूप से एसटीडी कॉल की दरें सस्ती होंगी क्योंकि एसटीडी कॉल की वजह से ही आपरेटर को नेटवर्क शुल्क देना पड़ता था।
विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल से मोबाइल पर लगने वाले आईयूसी चार्ज को 30 फीसदी तक कम किया गया है वहीं लैंडलाइन से होने वाले कॉल के लिए कोई नेटवर्क शुल्क नहीं लगेगा। ऐसे में ऑपरेटर को मिलने वाली इस रियायत का फायदा निश्चित रूप से उपभोक्ताओं को होगा।
आम तौर पर आईयूसी शुल्क की समीक्षा हर दो-तीन साल पर की जाती है, लेकिन अदालत में इससे जुड़े मामले के होने की वजह से पिछले छह साल से आईयूसी शुल्क में कोई संशोधन नहीं किया गया था। देश के बेतार सेवा में निवेश को आकर्षित करने और तेज गति के इंटरनेट के लिए ट्राई की तरफ से यह फैसला किया गया है।