मीट बैन के विरोध में राज ठाकरे की पार्टी ने बेचा मटन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में मांस की बिक्री पर लगी रोक के विरोध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने गुरुवार को मटन बेचा। जैन धर्म के पर्यूषण पर्व की आज से शुरुआत हो रही है और मुंबई नगर निगम ने अगले चार दिनों तक मुंबई में मांस की बिक्री पर रोक लगा रखी है।
शिवसेना और एमएनएस ने मुंबई नगर निगम के फैसले का विरोध किया है। एमएनएस ने दो दिन पहले घोषणा की थी वह आदेश का उल्लंघन करेगी। गुरुवार को अपनी घोषणा के अनुरूप ही है उसके कार्यकर्ताओं ने मटन बेचकर मुंबई नगर निगम के आदेश का उल्लंघन किया। एमएनएस ने मुंबई के दादर इलाके में मटन बेचा, हालांकि पुलिस ने कार्यकर्ताओं का हिरासत में ले लिया।
भाजपा के दो विधायकों राज पुरोहित और अतुल बाथालकर की मांग के बाद मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने पर्यूषण पर्व मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। सोमवार को जारी एक परिपत्र में कहा गया था कि मुंबई का देवनार स्लटर हाउस और शहर के अन्य मांस की दुकाने चार दिनों तक बंद रहेंगी।
बीएमसी के बाद मुंबई के ही एक अन्य नगर निगम नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने भी 17 सितंबर तक मांस की बिक्री पर रोक लगा दी। नवी मुंबई नगर निगम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कब्जा है।
मटन, चिकन पर रोक, मछली पर नहीं
मांस की बिक्री के विरोध में शिवसेना के सासंद संजय राउत ने कहा कि, 'जैनियों ये अधिकार किसने दिया कि वे ये तय करें कि दूसरे क्या खाएं-पिएं।' उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक भारतीय मांसाहारी हैं और उनके अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।
वहीं एनसीपी ने कहा कि मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाकर बीजेपी 2017 के नगर निगम के चुनाव में फायदा उठाना चाहती है।
मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम ने कहा कि बकरीद पर मुस्लिम भैंस की कुर्बानी देते हैं। क्या सरकार उनकी धार्मिक भावनाओं का खयाल रखते हुए उन्हें भी कुर्बानी की इजाजत देगी? मुंबई में मटन और चिकन की बिक्री पर रोक लगी है, जबकि मछली पर रोक नहीं लगाई गई है।