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मिजोरम में जीत से कांग्रेस को मिली राहत
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 09 Dec 2013 11:38 PM IST
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उत्तर भारत के चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद मिजोरम से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर है। 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर अपनी सत्ता बरकरार रखी है।
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घोषित 38 सीटों के परिणाम में से कांग्रेस को 32 और मुख्य विपक्षी गठबंधन मिजोरम डेमोक्रेटिक एलायंस (एमडीए) के घटक दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को 5, मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस (एमपीसी) को एक सीट मिली है। भाजपा यहां अपना खाता तक नहीं खोल सकी। 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पास 32 सीटें थी।
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चार बार मुख्यमंत्री रह चुके ललथनहवला ने सेरछिप और हरांगतुर्जो दोनों सीटों से विजय हासिल की है। सेरछिप में उन्होंने एमएनएफ उम्मीदवार को 734 वोटों से परास्त किया।
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वहीं हरांगतुर्जो में मुख्यमंत्री ने एमपीसी के उम्मीदवार को 1683 मतों से हराया। थनहवला के मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्य अपनी सीटें जीतने में कामयाब रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष भी जीत गए हैं। हालांकि पर्यटन मंत्री एस हैतो को पराजय का सामना करना पड़ा है।
चुनाव परिणामों पर लल थनहवला ने कहा कि पांच साल का कार्यकाल के बाद आमतौर पर सत्ता विरोधी की रुझान अहम भूमिका होती है लेकिन मिजोरम में जनता ने कांग्रेस के प्रति दोबारा अपना विश्वास प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।
मिजोरम में 25 नवंबर को मतदान हुआ था। 40 सीटों पर रिकॉर्ड 81 प्रतिशत मतदान हुआ था। राज्य विधानसभा की 39 सीटें जनजातियों के लिए आरक्षित हैं जबकि एक सीट सामान्य वर्ग के लिए है।