मिथुन चकवर्ती मुश्किल में, ईडी ने भेजा सम्मन
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पश्चिम बंगाल में हजारों करोड़ के शारदा चिट फंड घोटाले की आंच अब राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस तक पहुंचने लगी है। इस मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शारदा समूह के ब्रांड एंबेसडर रहे अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को भी पूछताछ के लिए समन भेजा है। वो वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य भी हैं।
ईडी ने अभिनेता को नोटिस जारी कर पूछा है कि उन्हें कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनने के लिए कितना पैसा मिला था और उन्होंने इसके बदले में कंपनी को क्या सेवाएं दीं और उसके कार्यक्रमों में कहां और कैसे शिरकत की। ईडी अधिकारियों ने अभिनेता से सांसद बने मिथुन से इस मामले में निदेशालय में शीघ्र पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है। उसने इसी सप्ताह अब तक गिरफ्तार सभी छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के निलंबित राज्यसभा सांसद कुणाल घोष ने एजेंसी को बताया है कि मिथुन चक्रवर्ती भी शारदा समूह से लाभ लेने वालों में शामिल हैं।
सीबीआई कर रही है जांच
कुणाल ने जेल से सीबीआई को लिखे अपने पत्र में तृणमूल के कई नेताओं पर शारदा समूह से लाभ लेने का आरोप लगाया था। घोष ने मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी पर भी सीधे अंगुली उठाई थी।
कुणाल ने कहा है कि ममता समेत पार्टी के कई बडे़ नेताओं को पहले से ही शारदा घोटाले की जानकारी थी, लेकिन वे चुप्पी साधे रहे। उल्टे तृणमूल के कुछ नेता सुदीप्त सेन से मोटी रकम लेते रहे।
उन्होंने इस घोटाले में शामिल तमाम बड़े नेताओं से पूछताछ की मांग उठाई है। इस बीच, मिथुन चक्रवर्ती से पूछताछ के ईडी के फैसले ने तृणमूल कांग्रेस की परेशानी बढ़ा दी है।
मिथुन को शारदा समूह के एक बैंक खाते से दो करोड़ का भुगतान किया गया था, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी अब तक यह पता नहीं लगा सके हैं कि उनको आखिर किस एवज में यह रकम दी गई थी, इसलिए अब उनसे पूछताछ की जाएगी।
ममता बनर्जी की बढ़ रही हैं मुश्किलें
वैसे, सुदीप्त सेन पहले ईडी के अधिकारियों को बता चुके हैं कि कुणाल घोष और एक अन्य तृणमूल सांसद सृंजय बसु ने मिथुन को 20 लाख रुपये महीने पर समूह का ब्रांड एंबेसडर बनाया था लेकिन मिथुन कभी समूह के किसी कार्यक्रम में नहीं आए।
घोटाले का खुलासा होने के बाद मिथुन ने कहा था कि कंपनी ने उनकी बकाया रकम का भुगतान नहीं किया है। सीबीआई ने यहां जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, उनमें सुदीप्त सेन और कुणाल के अलावा शारदा समूह के तीन निदेशकों के नाम शामिल हैं।
इस जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा चाहे वह कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो। यह घोटाला धीरे धीरे तृणमूल कांग्रेस और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच विवाद की प्रमुख जड़ बन गया है। ममता समेत तृणमूल के तमाम नेताओं ने केंद्र्र सरकार पर राजनीतिक मकसद के लिए सीबीआई के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।