जगह न मिली तो मिस्त्री ने फाड़े मोदी के पोस्टर
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गुजरात के वडोदरा कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार मधुसूदन मिस्त्री और उनके समर्थकों को नरेंद्र मोदी का पोस्टर फाड़ने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। दरअसल, नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे मधुसूदन मिस्त्री को जब शहर में कहीं पोस्टर लगाने की जगह नहीं मिली, तो उन्होंने अपने पोस्टर लगाने की जगह ढूंढ़ने के लिए एक अलग रास्ता निकाला।
मिस्त्री ने नगरपालिका से शहर में अपने पोस्टर लगवाने के लिए जगह देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें पोस्टर लगाने के लिए जगह नहीं दी गई। फिर उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की और आयोग से भी शहर में अपने पोस्टर लगाने के लिए जगह मांगी, जिसे आयोग ने भी नकार दिया।
कोई रास्ता न देखकर, मिस्त्री व उनके समर्थक सड़क पर उतर पड़े और खुद खंभों पर चढ़-चढ़कर मोदी के पोस्टर फाड़ने लगे और उसकी जगह अपने पोस्टर लगाने लगे।
मिस्त्री की शिकायत
मिस्त्री का आरोप है कि पूरे शहर में सिर्फ मोदी के ही पोस्टर लगे हैं। उनका तर्क था कि उन्हें भी श्ाहर में अपने चुनावी पोस्टर लगाने के लिए जगह मिलनी चाहिए।
मोदी के पोस्टर फाड़ने को लेकर पुलिस ने कांग्रेस के 100 से ज्यादा समर्थकों के साथ मिस्त्री को भी हिरासत में ले लिया है।
जेल में मिस्त्री ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जानबूझकर बल का प्रयोग किया गया। वे कहते हैं कि हम विज्ञापन के लिए जगह देने की मांग आगे भी जारी रखूंगा।
रावत की जगह पर मिस्त्री
वडोदरा सीट से पहले कांग्रेस उम्मीदवार नरेंद्र रावत ने पीछे हटने का फैसला लिया था। इसके बाद कांग्रेस ने यहां से मोदी के खिलाफ पार्टी महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को मैदान में उतारा था।
मिस्त्री साबरकांठा से 2004 में चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद हैं।
रावत के पीछे हटने के फैसले पर मोदी ने भी चुटकी ली थी। मोदी ने कहा था कि कांग्रेस ने एक दलित नेता को टिकट नहीं दिया।