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भाजपा के मिशन 2014 का ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा संघ
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
Updated Mon, 22 Jul 2013 01:14 AM IST
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नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की जोड़ी ने भले ही भाजपा के मिशन 2014 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है, लेकिन इस मिशन का ब्लू प्रिंट वास्तव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तैयार कर रहा है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में मामूली तौर पर सक्रिय रहे संघ ने इस बार पूरी कमान खुद थाम ली है।
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खुद को सांस्कृतिक संगठन कहने वाला संघ इस बार राजनीतिक तौर पर कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो गया है। पिछले नौ साल से दिल्ली के तख्त से बाहर रही भाजपा को संघ हर हालत में सत्ता में लाना चाहता है।
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संघ के ‘प्रताप’ से ही मोदी-राजनाथ की जोड़ी पार्टी के ‘दादा’ यानी लालकृष्ण आडवाणी को मार्गदर्शक की भूमिका देने में कामयाब हो गई।
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अमरावती की बैठक में संघ अपने सभी अनुषांगिक संगठनों विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल आदि को निर्देश दे चुका हैं कि इस बार चुनाव में जुटना होगा। मोदी के साथ छत्तीस का आंकड़ा रखने वाले विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया को भी संघ सहयोग करने को कह चुका है।
अमरावती सम्मेलन के बाद अब साफ हो गया है कि इस बार लोकसभा चुनाव की कमान संघ के हाथ रहेगी, जबकि पिछले चुनाव में पूरी कमान एनडीए के पीएम पद के उम्मीदवार रहे आडवाणी के पास थी। हालांकि संगठन के तौर पर चुनाव अभियान का जिम्मा अरुण जेटली के पास था।
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बहरहाल, 2009 के चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद से ही संघ ने साफ संकेत दे दिया था कि पार्टी को नया चेहरा तलाशना होगा।
तब भाजपा ने भी चुनाव नतीजों की समीक्षा में पाया था कि आडवाणी को उनकी ज्यादा उम्र के कारण पीएम उम्मीवार के तौर पर उम्मीद के अनुरूप समर्थन नहीं मिला। चूंकि अटल बिहारी वाजपेयी अस्वस्थ थे, इसलिए संघ ने दूसरी कतार के नेताओं को आगे लाना शुरू किया।
इसी मकसद से गडकरी को नागपुर से दिल्ली लाया गया। संघ की इसी रणनीति का नतीजा है कि ही अब आगामी चुनाव में आडवाणी मार्ग दर्शक की भूमिका में रहेंगे।
बहरहाल, संघ ने मोदी-राजनाथ के जरिये भाजपा को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया है।