समुद्र में 950 मीटर गहराई पर मिला लापता डोर्नियर विमान का मलबा
एक महीने से अधिक समय से कोस्ट गार्ड के लापता डोर्नियर विमान की तलाश में जुटीं सरकारी एजेंसियों को आखिरकार शुक्रवार को सफलता मिल गई।
तमिलनाडु के समुद्र में 950 मीटर की गहराई पर विमान का मलबा और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (एफडीआर) मिल गया है। रक्षा मंत्रालय इसे एक अभूतपूर्व आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि विमान का मलबा नजदीकी भूमि से 17 नॉटिकल मील दूर, कुड्डालोर से करीब 20 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में मिला है।
वहीं कोस्ट गार्ड के महानिरीक्षक सत्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि मलबा और एफडीआर चिदंबरम-कुड्डालोर तटीय रेखा के पास मिला है। एफडीआर से दुर्घटना का कारण जानने में मदद मिल सकती है।
फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर से पता चलेगा दुर्घटना का कारण
मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय नौसेना की पनडुब्बी सिंधुध्वज ने 6 जुलाई को 996 मीटर की गहराई पर कई ट्रांसमिशन ग्रहण किए थे। इससे रिलायंस के जहाज एमवाई ओलंपिक कैन्यन को तलाशी अभियान एक जगह केंद्रित करने में बहुत मदद मिली।
इस विमान ने पिछले महीने आठ जून को तीन क्रू सदस्यों के साथ निगरानी के लिए उड़ान भरी थी। तब से इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
कोस्ट गार्ड, नौसेना, तमिलनाडु पुलिस समेत कई सरकारी एजेंसियां 33 दिनों से लगातार तलाशी अभियान में जुटी थीं। इस दौरान सतह पर 693 घंटे अभियान चला, जबकि विमान की तलाश में कुल मिलाकर 196 घंटे उड़ाने भरी गईं।