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'96 में होना था परमाणु परीक्षण, राजनीति आ गई आड़े'

Fri, 25 Jan 2013 12:42 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 25 Jan 2013 12:42 PM IST
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missiles, rockets, bombs used to cover up nuke tests preparations says kalam

पूर्व राष्ट्रपति डॉं. एपीजी अब्दुल कलाम ने खुलासा किया है कि भारत 1996 में ही परमाणु परीक्षण करने की तैयारियां पूरी कर चुका था लेकिन अंतिम समय में बदले राजनीतिक समीकरणों के कारण परीक्षण नहीं हो सका। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनने के बाद परमाणु परीक्षण के लिए दोबारा अनुमति दी गई, जिसके बाद उसी वर्ष मई में परीक्षण किए गए।

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उन्होंने बताया कि 1996 के लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने से दो दिन पहले ही उनके पास तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव का फोन आया और उन्होंने तुरंत मिलने के लिए बुलाया। इसके तुरंत बाद की डा. कलाम अपने दो साथियों के साथ राव के पास पहुंचे तो उन्होंने दो दिन में परमाणु परीक्षण करने के लिए तैयार रहने का निर्देश डा. कलाम को दिया।
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डा. कलाम उस वक्त रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहाकार थे। लेकिन दो दिन बाद जब चुनाव परिणाम कांग्रेस के अनुरूप नहीं आए और कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई तो देश की राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई। बाद में राव ने उस वक्त सत्ता की कमान संभालने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को इस परमाणु परीक्षण की सारी जानकारी दी और यह सुनिश्चित कराया कि यह परीक्षण जल्द किया जाएगा।
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पूर्व राष्ट्रपति डा. कलाम ने यह खुलासा गुरुवार को आयोजित सातवें आरएन काव मेमोरियल लेक्चर के दौरान किया। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम विपरित आने के बाद एक बार फिर पीवी नरसिम्हाराव ने उन्हें फोन किया और सभी जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि अब यह काम वाजपेयी साहब के हवाले है।


कलाम ने बताया कि 1998 में परमाणु परीक्षण करने से पहले ‘जासूसों’ का ध्यान बांटने के लिए भारत ने कई मिसाइलों, रॉकेटों और बमों का परीक्षण किया था। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि 1998 की गर्मियों में किए गए पोखरण परमाणु परीक्षण से दो दिन पहले ‘जासूसों का ध्यान बांटने के लिए’ यह सुनियोजित उपाय किए गए थे।

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