मैच में उतरवाई सिख खिलाड़ियों की पगड़ी
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टीओआई की खबर के मुताबिक चीन में आयोजित हुए पांचवे फीबा एशिया कप में अपने शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों को अपमान का घूट पीना। चीन पर ऐतिहासिक और शानदार जीत दर्ज करने के बावजूद टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के साथ भेदभाव हुआ। सिख खिलाड़ियों को उनके धार्मिक प्रतीक पर शर्मसार होना पड़ा।
चीन में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान 12 जुलाई को हुए मैच में दो सिख खिलाड़ियों अमृतपाल सिंह और अमज्योत सिंह को पगड़ी उतारने के लिए कहा गया। जापान के खिलाफ होने वाले इस मैच में दोनों को ऐसा करने पर कोर्ट में इंट्री तक से रोक दिया गया।
अधिकारियों ने खिलाड़ियों को बताया कि वे इंटरनेशनल बास्केटबॉल फेडरेशन के नियमों को तोड़ रहे हैं और उन्हें पगड़ी पहनकर खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फीबा का आर्टिकल 4.4.2 के अनुसार खिलाड़ी मैच के दौरान ऐसी चीजों को नहीं पहन सकते जिससे अन्य किसी खिलाड़ी के घायल होने की आशंका हो। इसका मतलब साफ है कि सिर की टोपी, बालों से जुड़ी चीजें या ज्वैलरी पहनकर खेलने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
पहली बार किया गया ऐसा
भारतीय बास्केटबाल टीम के अमेरिकन कोच स्कॉट फ्लेमिंग की अपील को भी खारिज कर दिया गया। भारतीय टीम के दोनों सिख खिलाड़ियों को फर्स्ट क्वॉर्टर खेलने की इजाजत तभी मिली जब उन्होंने अपनी पगड़ी उतार दी। इस मैच में अमृतपाल ने 15 पॉइंट्स का स्कोर किया।
अमृतपाल ने बताया कि आश्चर्यजनक रूप से हमें इससे पहले कहीं ऐसी आपत्ति का सामना नहीं करना पड़ा। हमने हर गेम पगड़ी में ही खेला है। पिछले साल मनीला में एशिया चैंपियनशिप और हाल ही में गोवा में लुसोफॉनिया गेम्स भी हमने पगड़ी के साथ ही खेला।
अमृतपाल ने कहा कि एशिया कप हम सभी के लिए यादगार रहा लेकिन इस विवाद ने हमें परेशान भी किया। मैं पगड़ी को प्रैक्टिस में भी पहनता हूं लेकिन गेम के दौरान इसे न पहनने देना सचमुच हैरान करता है।
जीत के अलावा भारत इस टूर्नामेंट से यह कड़वी याद लेकर लौटा। बता दें कि भारत ने चीन के वुहान में हुए 5वें फीबा एशिया कप में न सिर्फ चीन पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की बल्कि ईरान, जॉर्डन और फिलीपींस जैसी टीमों के अंदर भी डर पैदा किया।