फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   minors imprisoned in jail

सुधार गृह की जगह जेलों में बंद है नाबालिगों की फौज

Sat, 27 Jul 2013 12:15 AM IST
नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय
नई दिल्ली/प्रियंवदा सहाय Updated Sat, 27 Jul 2013 12:15 AM IST
विज्ञापन
minors imprisoned in jail

काफी तादाद में नाबालिग बच्चे बाल सुधार गृहों की जगह देश की तमाम जेलों में बंद हैं।

विज्ञापन


राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को मिल रही जानकारी के मुताबिक उम्र की सही सूचना नहीं होने की वजह से काफी संख्या में बच्चे सलाखों में कैद रहने को विवश हैं।

इसके अलावा कई ऐसे मामले भी उजागर हुए हैं जिनमें नाबालिग आरोपी जानबूझकर जेल पहुंचे हैं, क्योंकि उन्हें सुधार गृह की तुलना में जेल से आसानी से निकलने की उम्मीद बधाई गई थी।
विज्ञापन


हाल में ही आयोग ने राजधानी के तिहाड़ जेल का मुआयना करने पर पाया कि जेल में सैकड़ों कैदी ऐसे हैं जो देखने में 18 वर्ष से कम आयु के लगते हैं, लेकिन उनकी उम्र 18 से अधिक दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एनसीपीसीआर चेयरपर्सन कुशल सिंह ने बताया कि इन कैदियों की वास्तविक उम्र जानने के लिए छानबीन शुरू की गई है। जब देश के प्रमुख जेल की स्थिति ऐसी है तो दूसरे राज्यों के जेलों की स्थिति क्या होगी इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

कुशल सिंह ने कहा कि आयोग इस संदर्भ में जल्द ही अन्य राज्यों का दौरा करेगा। ताकि ऐसे कैदियों की सही जानकारी हासिल हो सके।

उन्होंने कहा कि नाबालिग कैदियों की जगह जेल की बजाए बाल सुधार गृहों में है, लेकिन कई ऐसे मामले उजागर हुए हैं जिनमें जल्द जमानत दिलाने के लिए वकील की ओर से नाबालिगों की अधिक उम्र दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है।


यह भी देखने को मिला है कि पुलिस के असंवेदनशील और गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण भी तिहाड़ में किशोर सजा काट रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन नाबालिग बच्चों के जेल में कैद होने की बात से इंकार कर रहा है।

दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण को ऐसे मामलों की पड़ताल करने के निर्देश मिले थे।

इस आदेश पर आयोग ने अपनी ओर से जांच शुरू की और पहली दफा की गई छानबीन में केवल तिहाड़ जेल में ही सैकड़ों ऐसे मामले उजागर होने की आशंका दिख रही है।

गौरतलब है कि दो माह पहले दिल्ली पुलिस ने करीब 150 नाबालिगों के तिहाड़ जेल में बंद होने का खुलासा दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed