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एक ऐसा स्कूल, जहां बच्चों ने झेला नर्क

Fri, 30 May 2014 12:05 PM IST
अश्विन अघोर/मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अश्विन अघोर/मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Fri, 30 May 2014 12:05 PM IST
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minor student abuse in karjat mumbai

महाराष्ट्र में मुंबई से सटे रायगढ़ ज़िले के करजत में एक चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से संचालित आवासीय स्कूल में नाबालिग बच्चों के कथित यौन शोषण की बात सामने आई है।

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बच्चों के यौन शोषण के इस मामले में करजत पुलिस ने ट्रस्ट के संचालक और शिक्षिका को गिरफ्तार किया है।

चाइल्ड लाइन संस्था के रायगढ़ ज़िला संचालक अशोक जंगले ने बीबीसी से बातचीत में बताया, "चाइल्ड लाइन संस्था के पुणे कार्यालय में 21 मई को एक पीड़ित बच्चे ने फ़ोन कर इस संस्था में यौन शोषण होने की जानकारी दी।"
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उन्होंने कहा, "उस बच्चे से बात करने के बाद हमारी पुणे ज़िला संचालक डॉक्टर अनुराधा सहस्त्रबुद्धे ने बच्चों के परिवारों के बारे में जानकारी हासिल की और यह सुनिश्चित किया कि यह किसी संस्था को बदनाम करने का प्रयास नहीं था। पूरी तसल्ली होने के बाद हमने पांच पीड़ित बच्चों को पुणे कार्यालय बुलाया और उनसे सारी जानकारी ली।"

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'मानवता पर धब्बा'

minor student abuse in karjat mumbai

इसके बाद यह सारी जानकारी ज़िला बाल कल्याण अधिकारी को दी गई। इसी महीने करजत के नेरलकी में संस्था के स्कूल पर छापा मारा गया।

चाइल्ड हेल्पलाइन के अशोक जंगले ने इस मामले को उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस छापे में संस्था से दो नाबालिगों को छुड़ाया गया। जंगले ने बताया कि इसके बाद ज़िला बाल कल्याण अधिकारी ने पुलिस को इस संस्था की इमारत की पूरी छानबीन करने के आदेश दिए।

इस संस्था का मुख्यालय पुणे में है और इसका आवासीय स्कूल करजत के गांव नेरलकी में। ट्रस्ट के संचालक पुणे के अख़बारों मे संस्था के विज्ञापन छपवाते थे जिसे देखकर पुणे ज़िले के ग़रीब लोग अपने बच्चों को यहां पढ़ने के लिए भेजते थे।

जंगले ने कहा, "जब हमने पाठशाला के बच्चों से बात की तो बेहद अमानवीय अत्याचारों की बात सामने आईं। बच्चों ने बताया कि ट्रस्ट का संचालक और महिला शिक्षक उन्हें आपस में शारीरिक संबंध बनाने पर मजबूर करते थे। जब कोई बच्चा इससे इनकार करता था तो उसकी पिटाई करते और कुत्ते का मल खिलाते।"

कड़ी सज़ा की मांग

minor student abuse in karjat mumbai

जंगले कहते हैं कि यह सब इतना घिनौना था कि सारी बातें सार्वजनिक रूप से बयान नहीं की जा सकतीं। उस आवासीय स्कूल में 32 बच्चे हैं और सभी नाबालिग हैं। चूंकि इस समय गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं इसलिए ज्यादातर बच्चे अपने अपने घर गए हुए हैं।

महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चे की महासचिव माधवी नाइक ने कहा, "इस तरह की घटनाएं मानवता के लिए धब्बा है और इन मामलों के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, ताकि वह दूसरों के लिए सबक बने।"

करजत पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आरआर पाटिल ने बताया, "हमें इस मामले की जानकारी समाजसेवी डॉक्टर अनुराधा सहस्त्रबुद्धे ने दी जिसके बाद हमने एफ़आईआर दर्ज कर, अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया।"

उन्होंने कहा, "दोनों को अलीबाग की अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें पांच जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हम इस स्कूल के सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं ताकि अगर ऐसे और मामले हैं तो वह सामने आए और उनकी भी जांच हो।"

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