जानिए क्या है तंबाकू से बचाव के लिए सरकार का प्लान
तंबाकू की वजह से सालाना लाखों लोगों को मरने से बचाने में केवल डॉक्टर ही नहीं वित्त मंत्रालय भी अहम भूमिका निभा सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से कर ढांचे और नियमों को कठोर बनाकर तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने में मदद का प्रस्ताव किया है। वहीं राज्यों को तंबाकू उत्पादों पर वैट दर बढ़ाने को कहा गया है।
दरअसल, तंबाकू के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)ने सभी देशों से इस ओर कड़े कदम उठाने का अनुरोध किया है। इसी संदर्भ में हाल में दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए भविष्य में वित्त मंत्रालय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उसके जरिए कर ढांचे में बदलाव कर इसे सख्त बनाया जा सकता है। इस ओर आम बजट में भी कुछ कारगर कदम उठाए जा चुके हैं।
भारत में भी इस नियम को अपनाने की जरूरत
दुनिया भर में यह माना जाता है कि तंबाकू उत्पादों की ऊंची कीमत होने से इसकी मांग में कमी आती है। इसलिए भारत में भी इस नियम को अपनाने की जरूरत है। वहीं तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल में कमी लाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्यों के वैट आयुक्तों और तंबाकू नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारियों से भी इस संदर्भ में बातचीत की है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक तंबाकू के कारण दुनिया में हर साल लगभग 60 लाख लोगों की मौत होती है। 2030 तक यह बढ़कर 80 लाख से ज्यादा हो सकती है।