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सीएमओ प्रकरण: मंत्री जी ने खुद खोदी खाई

लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 13 Oct 2012 07:47 AM IST
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minister vinod singh trapped in his own statement

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गोंडा के सीएमओ डॉ. एसपी सिंह से बदसलूकी के मामले में हटाए गए राज्यमंत्री विनोद सिंह का झूठ और बदलते बयान ही उनकी रुखसती के वजह बन गए। विनोद सिंह ने घटना को न सिर्फ फर्जी करार दिया था, बल्कि 6 अक्तूबर की रात सीएमओ के घर या दफ्तर जाने और उनसे मिलने तक की बात से इनकार कर दिया था। यही नहीं, उन्होंने सीएमओ को अपना रिश्तेदार भी बना लिया। अगले दिन जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा, प्रशासन व एलआईयू ने मौके पर विनोद सिंह की मौजूदगी की पुष्टि की, तब उन्होंने कहा कि वह तो उधर से निकल रहे थे, लोग नारेबाजी कर रहे थे, तो रुक गया था।
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उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि घटना फर्जी है। न तो मैं सीएमओ से मिला, न ही उन्हें किसी तरह से डराया-धमकाया। उन्हें उठाने का तो सवाल ही नहीं उठता। जबकि प्रशासन व एलआईयू ने सीएमओ के घर और दफ्तर में मंत्री की मौजूदगी की पुष्टि की। संभागीय आयुक्त डॉ. अशोक वर्मा व अपर निदेशक-स्वास्थ्य डॉ. एके गंगवार ने घटना की पुष्टि की। डॉ. वर्मा ने अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को भेजी, साथ ही उन्होंने सीएमओ द्वारा की गई मौखिक शिकायत की भी जानकारी दी। डीएम अभय ने एडीएम के साथ सीएमओ को लखनऊ भिजवाने की बात कही।


मगंलवार को उन्होंने फिर सफाई दी कि न तो मेरा कोई कैंडिडेट था और न मैंने किसी की सिफारिश की थी। शुक्रवार को बयान से पलटते हुए कहा, 'मैं विधायक हूं, मेरे पास कोई आएगा तो उसकी सिफारिश करूंगा। यह अफसर का काम है, सही हो तो करे, गलत हो तो न करे। उन्होंने यह भी कहा था कि वैसे भी सीएमओ मेरी रिश्तेदारी में आते हैं और उनसे मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं। उधर, सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने साफ कहा, 'मेरी उनसे कोई रिश्तेदारी नहीं। अगर अच्छे संबंध होते तो वह मेरे साथ ऐसी बदसलूकी करते क्या?'

जब मामले ने तूल पकड़ लिया तो विनोद सिंह अब कह रहे हैं, 'मेरे खिलाफ यह राजनीतिक साजिश है। अफसर भी इसमें शामिल हैं। सीएमओ को लखनऊ क्यों भेजा गया, चार दिन वह कहां रहे? उन्हें परिवार से क्यों नहीं मिलने दिया गया? इस सबकी जांच होनी चाहिए। मैं समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता हूं, मेरे कारण सरकार या पार्टी को परेशानी हो, यह नहीं चाहता। इसलिए मैंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है।'

'मंत्री अपना आचरण सुधारें'
वहीं सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि पार्टी में जो भी काम कर रहा है, वह पदाधिकारी हो या मंत्री, सभी को अपने आचरण का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा न करने पर पार्टी कमजोर होगी। सभी को अपने तौर-तरीके बदलने होंगे। कोई ऐसा काम न करें, जिससे किसी को अंगुली उठाने का मौका मिले। अगर कोई इस मुगालते में है कि मुझे मंत्रियों की कारस्तानी का पता नहीं है, तो कभी उनके साथ बैठ जाएं, उन्हें सब बता दिया जाएगा।
 
इस्तीफा टोटका, मंत्री पर हो एफआईआर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा है कि सरकार को राजस्व राज्य मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह से इस्तीफा लेने की जगह उन्हें बर्खास्त कर अपराधिक अभियोग दर्ज कर जेल भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री से त्यागपत्र लेने का टोटका कर सरकार कमिश्नर से जांच कराकर कार्रवाई की इतिश्री करना चाहती है। यह घटना प्रदेश में गुंडाराज की वापसी है।

बर्खास्तगी होनी चाहिए
वहीं बसपा नेता सुधीन्द्र भदौरिया ने इस प्रकरण पर कहा कि राज्यमंत्री इस्तीफा देकर क्या साबित करना चाहते हैं कि वह बहुत त्यागी पुरुष हैं? उनके खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए और उन्हें बर्खास्त किया जाना चहिए। सरकार ने उन्हें इतना मौका दिया ही क्यों?

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