एमपी की मंत्री को नहीं थी सत्यार्थी की जानकारी
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मध्य प्रदेश की मंत्री कुसुम मेहदेले ने स्वीकार किया है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बारे में जानकारी नहीं थी। कुछ दिन पहले सत्यार्थी को नोबेल मिलने पर मीडिया में उन्होंने सत्यार्थी के बदले अपने ही साथी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बधाई दे दी थी।
केवल कुसुम ही नहीं प्रदेश के कई और भाजपा, कांग्रेस और बसपा नेताओं ने सत्यार्थी के बदले अज्ञानता वश विजयवर्गीय को बधाई दे दी थी। कुछ विरोधियों ने विजयवर्गीय को पुरस्कार दिया गया जानकर इसका विरोध भी कर दिया था।
कुसुम ने कहा, "मैं मानती हूं कि दो बार महिला व बाल कल्याण मंत्री रहने के बाद भी मुझे कभी सत्यार्थी से मुलाकात का मौका नहीं मिला। इसलिए मुझे उनके और उनके कार्यों के बारे में जानकारी नहीं थी।"
MP के विधायकों ने कटाई नाक
कैलाश सत्यार्थी को नोबल पुरस्कार मिलने का बाद सारी दुनिया जानने लगी थी, लेकिन उनके ही गृह प्रदेश के कई विधायक और मंत्री उन्हें नहीं जानते थे। इतना ही नहीं, उन्हें तो ये लगता था कि नोबेल पुरस्कार कैलाश विजयवर्गीय को मिला है, जो एमपी सरकार में मंत्री हैं।
दरअसल, स्थानीय पत्रकारों ने मध्यप्रदेश के विधायकों और मंत्रियों से कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद प्रतिक्रिया लेनी चाही तो बेहद दिलचस्प जवाब सुनने को मिले थे। कैलाश शब्द सुनने के बाद उनके दिमाग में नाम आया वह था कैलाश विजयवर्गीय का। सभी ने विजयवर्गीय को बधाई दे डाली। इतना ही नहीं, विरोधियों ने तो यहां तक कहा था कि उन्हें सत्तापक्ष में होने का फायदा मिला है।
ये जवाब दिए थे माननीयों ने
मध्यप्रदेश की कैबिनेट मंत्री कुसुम मेहदेले ने कहा था,"हमारे साथी को नोबेल पुरुस्कार मिला है। ये तो गर्व की बात है, सम्मान की बात है।"
आदिम जाति कल्याण मंत्री ज्ञान सिंह ने कहा था,"कैलाश जी को बधाई, लेकिन हमारी पार्टी में ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनको ऐसा सम्मान मिलना चाहिए।"
भाजपा के एक विधायक दिलीप सिंह ने कहा था,"कैलाश जी ने इंदौर में काफी काम किया है है जिसके कारण नोबेल समिति ने उन्हें सम्मानित किया है।"
बीजेपी के अन्य विधायक रंजीत सिंह ने कहा था,"दरअसल, विजयवर्गीय ने सामाजिक क्षेत्र में काफी काम किया है, जिसके कारण उन्हें ये पुरस्कार दिया गया है।"
बीजेपी के दिलीप सिंह परिहार समेत तमाम विधायकों ने मीडिया के सामने कैलाश विजयवर्गीय की जमकर तारीफ की थी और फिर उनके कामों का भी ब्यौरा दिया था।
अब पढ़िए सबसे मजेदार बयान
दरअसल, कैलाश सत्यार्थी एमपी के ही विदिशा के रहने वाले हैं, जिसके कारण स्थानीय पत्रकार विधायकों और मंत्रियों की प्रतिक्रिया लेने पहुंचे। पत्रकार खुद हैरान रह गए जब तमाम माननीय कैलाश विजयवर्गीय को शुभकामना देने लगे।
मध्यप्रदेश के तमाम पत्रकार इस वाकये को फेसबुक पर भी शेयर कर रहे थे। एबीपी न्यूज़ के पत्रकार ब्रजेश राजपूत ने लिखा था कि-