...और इंस्पेक्टर की गाड़ी पर चढ़ा दिया ट्रैक्टर, पढ़िए पूरा मामला
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सोमवार को खनन माफिया ने दुस्साहस दिखाया और यमुना के खादर में आगरा पुलिस के साथ छापामार कार्रवाई करने पहुंचे खनन निरीक्षक की गाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। वह इस घटना में बाल-बाल ही बचे हैं। घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान फरह, रिफाइनरी और हाईवे थाना क्षेत्र में खनन से जुड़े 19 वाहनों को पकड़ा गया है।
सोमवार को तड़के चार बजे खनन निरीक्षक मिलथेश कुमार पांडेय ने आगरा पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई शुरू की। रिफाइनरी क्षेत्र में गांव कोयला अलीपुर के पास एक ट्रैक्टर चालक ने ट्रैक्टर को इनकी गाड़ी पर चढ़ाने की कोशिश की। ट्रैक्टर की टक्कर से इनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई है। उसने टीम को कार्रवाई से भी रोका और धमकी दी। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने एसडीएम को मौके पर भेजा। खनन निरीक्षक की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक रूपा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि खनन निरीक्षक को स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं था और वह पहले ही आगरा पुलिस को साथ लेकर गए थे। हमले के बाद उन्होंने क्षेत्रीय पुलिस की मदद मांगी तो थाना प्रभारी का फोन हमराह पर मिला और उसने एक घटना में पुलिस के व्यस्त होने का बहाना बनाते हुए मदद से इनकार कर दिया। अभियान के दौरान टीम ने एक वाहन फरह, 14 हाईवे और चार रिफाइनरी थाना पुलिस के सपुर्द किए गए हैं।
ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए हैं खनन में लगे लोग
खनन माफिया का दुस्साहस ऐसे ही नहीं बढ़ा है। दिन रात रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली दौड़ते रहते हैं, सभी जानकारी भी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। सूबे में अवैध खनन पर एक कमिश्नर और डीएम के निलंबन की कार्रवाई होने के बाद जिले के अफसरों की भी नींद भी टूटी है।
रविवार को यमुना के खादर में बालू खनन पर अमर उजाला ने खबर भी प्रकाशित की है। इससे पहले भी कोयला अलीपुर के आसपास जब भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक अफसरों से अपने वाहनों को छुड़ा लिया। कई बार एसडीएम सदर से भी ये लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले जा चुके हैं।
जिले में खनन विभाग ने सिर्फ 23 लोगों को विभिन्न स्थानों से मिट्टी खोदने की अनुमति प्रदान की है। इसमें किसानों के खेत और व्यवसायिक उपयोग वाली जमीन भी शामिल हैं। जबकि अनुमति से कई गुना अधिक स्थानों पर मिट्टी की खोदाई चल रही है।