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काशी में मोदी बनाएंगे 'मिनी पीएमओ'

Mon, 19 May 2014 07:19 PM IST
बृजेश दूबे/अमर उजाला, वाराणसी
बृजेश दूबे/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 19 May 2014 07:19 PM IST
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'mini PMO' may be open in varanasi

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी भले ही दिल्ली में हों लेकिन काशीवासियों का हर दर्द उन तक पहुंचता रहेगा।

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बनारस की समस्याओं को सुनने के लिए मोदी यहां अपना प्रतिनिधि रखने के बजाए ‘मिनी पीएमओ’ खोल सकते हैं। इसके सुनवाई प्रकोष्ठ में जनता की समस्याओं को सुना जाएगा और इन समस्याओं से मोदी को अवगत कराया जाएगा।

माना जा रहा है कि मोदी वाराणसी सीट ही अपने पास रखेंगे, वडोदरा नहीं। ऐसे में वह काशीवासियों के साथ संवाद के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं रखेंगे।

उन्होंने अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र लेने के लिए गैर राजनीतिक व्यक्ति को अधिकृत कर इसका संकेत भी दे दिया है। बताते चलें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी मणिनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

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जनता से रहेगा सीधा संवाद

'mini PMO' may be open in varanasi

मुख्यमंत्री होने के बाद भी वह मणिनगर की जनता से सीधे संवाद करते हैं। उन्होंने किसी को भी अपना प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया है। लोगों की समस्या सुनने के लिए मणिनगर में एक कार्यालय है। वहां मोदी भी समय समय पर जाते हैं।

मोदी के चुनावी प्रबंधन में अहम रोल निभाने वाले दिल्ली के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि मोदी काशी में अपना प्रतिनिधि नहीं बनाएंगे।

वह यहां एक ऑफिस खोलेंगे। इसमें कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा लेकिन किसी एक को ही कर्ताधर्ता नहीं बनाया जाएगा।

पूर्वांचल में नहीं चाहते बिखराव

'mini PMO' may be open in varanasi

मोदी का सांसद प्रतिनिधि बनने के लिए इस समय भाजपा से जुड़े कई लोगों के बीच रेस जारी है। सूत्रों का कहना है कि मोदी का प्रतिनिधि चुनना एक बड़ा फैसला है।

मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका प्रतिनिधि भी स्थानीय स्तर पर सत्ता का एक केंद्र बन सकता है। इससे संगठन भी प्रभावित होगा।

भाजपा आने वाले समय में यूपी, बिहार में सरकार और पश्चिम बंगाल में जनाधार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में वाराणसी जैसे राजनीतिक केंद्र पर सत्ता का दूसरा केंद्र बनाना ठीक नहीं है।

मोदी ने इसका संकेत भी दे दिया है। उन्होंने शनिवार को अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र के लिए गैर राजनीतिक व्यक्ति अपने अधिवक्ता परिंदु भगत को अधिकृत किया था, जबकि यहां पर उनका चुनाव प्रबंधन संभालने वाले कई बड़े नाम थे।

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