बारिश का कहर, महंगी होंगी सब्जियां
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एनसीआर समेत पूरे उत्तर पश्चिम भारत में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बारिश, ओले और बर्फबारी ने हाल बेहाल कर दिया है। पंजाब में बारिश के कारण गेहूं की फसल को करीब 25 फीसदी और आलू की फसल को करीब 15 से 20 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
वहीं, हरियाणा के किसानों को करीब 1600 करोड़ रुपये की चपत लगी है। यहां गेहूं के उत्पादन में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। यूपी के किसानों पर भी मौसम की मार पड़ी है। राज्य में गेहूं, आलू, सरसो, चना, मटर और सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
किसानों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मंगलवार तक बारिश जारी रही तो आलू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस सप्ताह के अंत में बारिश की एक और मार पड़ सकती है।
गेहूं की फसल को भारी नुकसान
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में हुई बर्फबारी के कारण हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, यूपी व राजस्थान में अच्छी बारिश हुई।
दिल्ली समेत कुछ जगह मैदानी इलाकों में ओले भी पड़े। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आई, लेकिन मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान अब भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
यूपी के अधिकतर हिस्सों में जारी बारिश से गेहूं की फसल गिर गई है। अधिकतर जिलों में आलू की खुदाई अभी शुरू ही हुई थी।
किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भर जाने के कारण आलू के सड़ जाने, हरा पड़ जाने या उसमें अंकुर निकलने शुरू हो जाने की आशंका है। आलू बेल्ट सादाबाद (हाथरस) के पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी का कहना है कि आलू, सरसों और गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
सरसों-आलू की फसल भी बर्बाद
पंजाब में करीब 35 लाख हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल लगी है। कंफेडरेशन ऑफ पोटेटो सीड फार्मर्स के प्रधान सुखजीत सिंह भट्टी का कहना है कि सूबे में फिलहाल 50 हजार हेक्टेयर जमीन में सीड का आलू तैयार है जिसकी पुटाई का काम चल रहा था।
बारिश से खेतों में पानी जमा होने के कारण आलू की पुटाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। बारिश से 15 से 20 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, हरियाणा में कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक और करीब एक करोड़ 12 लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं का उत्पादन कम हो सकता है।
फैजाबाद कृषि विश्वविद्यालय के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर डॉ. अरविंद सिंह के मुताबिक, "बारिश से गेहूं, सरसों और आलू को ज्यादा नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल बिछ गई है। अवध और पूर्वांचल में 70 प्रतिशत गन्ने की बुवाई हो चुकी है। जिन किसानों ने कुछ दिन पहले गन्ना बुवाई की है, उन्हें नुकसान हुआ है।"
आठ मार्च को फिर हो सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिक बीपी यादव के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में तीन दिन बाद अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री तक वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है। फिर 5 मार्च और फिर 7 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के एक पश्चिमी विक्षोभ का असर होगा।
इससे 7-8 मार्च को पहाड़ों में बर्फ पड़ेगी तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व पश्चिम यूपी में 8 मार्च को बारिश पड़ेगी। हालांकि, उस वक्त बर्फबारी या बारिश हालिया की तरह ज्यादा नहीं होगी।
दिल्ली में टूटा बारिश का रिकॉर्ड
सोमवार सुबह दिल्ली में मार्च के महीने में बारिश का पिछले सौ साल का रिकार्ड टूट गया। राजधानी में चौबीस घंटे में 56.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले 15 मार्च 1915 को 62.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।