फेसबुक पोस्ट से तमतमाई मायावती, छीना टिकट
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उत्तर प्रदेश की अतरौली सीट से आगामी विधानसभा चुनाव की प्रत्याशी संगीता चौधरी को उनका फेसबुक पोस्ट इतना भारी पड़ गया कि उनका टिकट ही रद्द कर दिया गया। संगीता को बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने 2017 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया था।
एक हफ्ते पहले ही मायावती ने संगीता को विधानसभा का टिकट दिया था। उसी दौरान उन्होंने अपने शिष्टाचार का परिचय देते हुए मायावती के पैर छूए और उसकी तस्वीर भी खिंचवाई। इतना ही नहीं संगीता ने उस तस्वीर को फेसबुक पर भी पोस्ट कर किया लेकिन यह पोस्ट उनको इतना भारी पड़ जाएगा उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। इस तस्वीर में संगीता चौधरी बसपा सुप्रीमो मायावती के पैरों में बैठी नजर आ रही हैं।
इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने संगीता को टिकट पाने के लिए बधाई दी लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें अपने निशाने पर ले लिया। लोगों ने उन्हें चाटुकार कहते हुए मायावती पर भी हमला किया। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए विवाद से नाराज होकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने चौधरी का टिकट रद्द कर दिया।
माफी मांगने को भी तैयार
संगीता को इस बात का पूरा विश्वास था कि उनकी पति की हत्या के बाद लोगों की सहानभुति उनके साथ है और वह यह सीट आसानी से जीत जाएंगी। लेकिन उनकी एक गलती ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। संगीता के पति बसपा की टिकट से ही अतरौली विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे जिनकी 2015 में हत्या कर दी गई थी।
उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर संगीता ने कहा, 'मुझे नहीं पता था कि मेरा एक फेसबुक पोस्ट मुझे इतना भारी पड़ जाएगा। चुनाव में सामने आ रही परेशानियों को लेकर चर्चा करने के लिए मैं बहन जी से मिली थी। पिछले ही साल मेरे पति की हत्या हो गई थी। मैं यह तस्वीर तानाशाहों को यह बताने के लिए पोस्ट की थी कि उनका (मायावती) हाथ मेरे ऊपर है।'
उन्होंने कहा कि फिलहाल बहन जी मुझसे बहुत नाराज हैं और वह उनसे माफी मांगने के लिए भी तैयार हैं। बसपा के जिलाध्यक्ष अरविंद आदित्य ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि बहन जी पार्टी के हित में ही फैसला लेंगी। अतरौली प्रत्याशी के साथ जो हुआ वह दुखद है लेकिन हम मायावती के फैसले के साथ खड़े हैं।