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रक्षा सौदों में खत्म हो दलालों की भूमिका: रूस
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 27 Feb 2013 07:01 PM IST
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रक्षा क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े भागीदार रूस ने साफ कर दिया है कि सैन्य अनुबंधों पर हस्ताक्षर करते समय बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए।
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रूसी संसद के उच्च सदन की फेडरेशन काउंसिल की अध्यक्ष वेलेंटिना मैटविंको ने जोर देकर कहा कि बिचौलिए इस तरह के करारों में भ्रष्टाचार की संभावना को बहुत बढ़ा देते हैं।
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रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत में इटली की कंपनी फिनमेकानिका से 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में दलाली को लेकर सियासी हंगामा मचा हुआ है। वेलेंटिनो से इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने वैश्विक व्यापार के लिए रिश्वत को जरूरी बताया था।
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वेलेंटिनो ने भारत-रूस के रक्षा समझौतों को पूरी तरह साफ करार देते हुए कहा कि सौभाग्य से पिछले दस सालों में हमने भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं देखा। सैन्य समझौते दो देशों के बीच का मामला है, इसलिए इसमें किसी दलाल की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने साथ ही कहा कि वर्ष 2012 में रूस का कुल सैन्य निर्यात रिकॉर्ड 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। रूस के सैन्य हथियार सबसे अधिक भारत में आयात किए जाते हैं।