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अपहरण कर दुबई से भारत में मांगी जाती फिरौती
पुरुषोत्तम वर्मा, दिल्ली
Updated Wed, 15 Jan 2014 12:07 AM IST
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पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के कहने पर मेवात मॉड्यूल अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता तो उसके बहुत ही खतरनाक परिणाम होते।
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मेवात मॉड्यूल के सदस्यों को किसी बड़े उद्योगपति या व्यवसायी का अपहरण करना था। अपहरण करने के बाद आतंकी पाक में बैठे लश्कर कमांडर को इसकी जानकारी देते।
लश्कर दुबई में बैठे अपने लोगों को आदेश देता और उसके बाद उद्योगपति को रिहा करने की एवज में दुबई से भारत में फिरौती की रकम मांगी जाती। माना जा रहा है कि फिरौती की रकम कई करोड़ रुपये होती।
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दिल्ली पुलिस की कस्टडी में मौजूद मेवात के मौलवी मो.राशिद ने ये खुलासा किया है। मो. राशिद ने ये भी खुलासा किया है कि अपहरण की वारदात होते ही इसकी सूचना तुरंत पाकिस्तान में बैठे लश्कर आकाओं को दी जाती।
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राशिद ने पूछताछ में बताया कि फिरौती की रकम से अवैध हथियार खरीदे जाते और इन हथियारों से दिल्ली में कई जगह फिदायीन हमले किए जाते।
मुजफ्फरनगर और गोपालगढ़ दंगों का बदला लेने के लिए फिदायीन हमले किए जाने थे।
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि लश्कर ने मेवात में ऐसे लोगों को मॉड्यूल के लिए चुना, ताकि ये लोग ज्यादा से ज्यादा युवकों को बहलाकर मॉड्यूल में भर्ती कर सके।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मॉड्यूल के मास्टरमाइंड का पता करने के लिए शामली, मुजफ्फरनगर के लियाकत और जमीर को पूछताछ के लिए फिर से दिल्ली बुलाया है। इन दोनों से फिर से पूछताछ की गई है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने इस दोनों को सरकारी गवाह बनाया है और पुलिस ने कोर्ट में इन दोनों के बयान कराए थे। दिल्ली पुलिस इन दोनों के जरिए मास्टरमाइंड सुभान को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दे रही है।