फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   metter of controversial leaders will be sought soon

दागी नेताओं के मुकदमों का तेजी से होगा निपटारा

Tue, 02 Sep 2014 01:49 PM IST
Updated Tue, 02 Sep 2014 01:49 PM IST
विज्ञापन
metter of controversial leaders will be sought soon

सुप्रीम कोर्ट द्वारा दागी सांसदों व विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई जल्द पूरी करने की समयसीमा तय करने के मद्देनजर केंद्र सरकार जल्द ही सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखेगी।

विज्ञापन


पत्र में सांसदों व विधायकों के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने को कहा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दागी नेताओं को राजनीति से दूर करने की वकालत करते रहे हैं।
विज्ञापन


कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी सरकार की यह प्राथमिकता है कि राजनीति को पूरी तरह स्वच्छ किया जाए। जिन लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे लंबित हैं, उनकी सुनवाई में तेजी लाने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर वे निर्दोष हैं, तो वे बरी हो जाएंगे। अगर नहीं तो फिर कानून अपना काम करेगा।’ राज्य सरकारों को पत्र लिखने का फैसला गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक में हुआ।

इस बैठक में कानून मंत्री के अलावा गृह व कानून मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी भी मौजूद थे। प्रसाद ने बताया कि गत 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार सांसदों व विधायकों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई आरोप तय होने के एक साल के भीतर हो जानी चाहिए।

देश की राजनीति स्वच्छ करने में बड़ा कदम

metter of controversial leaders will be sought soon

कानून मंत्री ने बताया अगर किसी भी मामले में दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो दोषी व्यक्ति को संसद या विधानसभा से अयोग्य करार दिए जाने का प्रावधान है।

कानून मंत्री ने कहा, ‘केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करेगी और इसके मुताबिक गृह मंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे। जबकि मैं राज्यों के सभी कानून मंत्रियों को पत्र लिखूंगा ताकि जरूरी प्रावधानों को सुनिश्चित किया जा सके।’

उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को स्वच्छ करने में यह एक बड़ा कदम होगा। सूत्रों का कहना है कि अटार्नी जनरल इस संबंध में सरकार के फैसले के बारे में सर्वोच्च अदालत को सूचित करेंगे।


विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed