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'उत्तर प्रदेश के महानगरों में 22 घंटे आती है बिजली'

Mon, 22 Oct 2012 09:09 PM IST
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय
नई दिल्ली/पीयूष पांडेय Updated Mon, 22 Oct 2012 09:09 PM IST
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metropolitan of up got electricity for 22 hours says power corporation

सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन उत्तर प्रदेश के महानगरों में 22 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में सालों से चली आ रही बिजली कटौती की समस्या से ग्रस्त लोग भले ही इन आंकड़ों पर हैरानी जताएं, लेकिन यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन अपने इस दावे पर कायम है।

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पावर कॉरपोरेशन ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में यह चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इनमें मंडल स्तर पर 20 घंटे, जनपद मुख्यालय स्तर पर 17 घंटे और बुंदेलखंड में 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जानकारी दी गई है। जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासियों को छोड़ दिया जाए तो कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, बनारस सहित राज्य के अन्य प्रमुख शहर इतनी आपूर्ति के लिए कई सालों से तरस रहे हैं। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन का यह दावा पूरी तरह खोखला ही नजर आता है।
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यूपी पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता की ओर से दी गई सूचना में कहा गया है कि मांग और पूर्ति में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने और ग्रिड सुरक्षा के चलते यदा-कदा आपात कटौती की जाती है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति विद्युत वितरण निगम की ओर से सुनिश्चित कराई जाती है। यह सूचना मांगने वाले आरटीआई कार्यकर्ता गौरव अग्रवाल की मानें तो कॉरपोरेशन का जवाब झूठ का पुलिंदा है जिसमें अक्सर होने वाली आपात कटौती को यदा-कदा बताया गया है।
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कॉरपोरेशन का जवाब मिलने के बाद अग्रवाल ने बिजली कटौती की समस्या को लेकर निजी स्तर पर एक सर्वेक्षण भी किया। उन्होंने मीडिया में आई खबरों और शहर दर शहर एक माह तक  बिजली कटौती के संबंध में समयबद्ध सूची तैयार की। यदि उस सूची पर गौर किया जाए तो लखनऊ को छोड़कर राज्य के महानगर स्तर के किसी भी शहर में 22 घंटे बिजली नहीं आती।

महानगर स्तर पर 16 से 18 घंटे से ज्यादा बिजली कहीं भी नहीं आती। यही नहीं बिजली विभाग की ओर से शहर के शानदार इलाकों में बिजली आपूर्ति की कोशिश ज्यादा रहती है। जबकि मध्यम वर्गीय इलाकों में कटौती ज्यादा की जाती है। कॉरपोरेशन उन क्षेत्रों में भी 24 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं करा पाता, जिनके लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी आदेश जारी किया जा चुका है।


यह क्षेत्र है ताजमहल से सटे जनपदों का, जिन्हें टीटीजेड कहा जाता है। मुख्य अभियंता की ओर से भेजे गए जवाब के अनुसार टीटीजेड क्षेत्र में भी बिजली की कटौती यदा-कदा की जाती है। जबकि इस सच्चाई से आगरा, मथुरा और हाथरस के निवासी अच्छी तरह वाकिफ हैं कि कॉरपोरेशन की यदा-कदा कटौती उन्हें अक्सर तकलीफ देती है।

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