काशी में मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत अप्रैल से
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काशी में मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत अगले साल अप्रैल से होगी। वित्तीय वर्ष 2015-16 के आम बजट में मोदी सरकार बनारस में मेट्रो रेल परियोजना की घोषणा करेगी। इसके साथ ही यहां मेट्रो रेल लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते बनारस के विकास को लेकर शहरी विकास मंत्रालय बेहद संजीदा है। मंत्रालय खुद पूरी योजना की मानीटरिंग कर रहा है।
शहरी विकास मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार काशी में मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे का काम पूरा हो चुका है। यहां तीन चरणों में मेट्रो परियोजना पूरी होगी। पहले चरण में सारनाथ से लंका के बीच मेट्रो रेल लाइन बिछाने की तैयारी है। 17 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो रेल लाइन को बिछाने में आने वाली दिक्कतों पर प्रदेश और केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच पूर्व में चार बैठकों में चर्चा हो चुकी है।
दूसरे चरण में बाबतपुर से लंका और तीसरे चरण में मुगलसराय से रामनगर होते हुए लंका तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की योजना है। शहरी विकास मंत्रालय के सूत्र बता रहे हैं कि पहले चरण में सारनाथ-लंका रूट पर काम शुरू करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और पर्यावरण विभाग से अनापत्ति लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
जापानी तकनीक और विश्व बैंक का पैसा
बनारस में मेट्रो लाइन बिछाने के लिए जापान सरकार तकनीकी मदद मुहैया कराएगी। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जापान के दौरे पर गए थे तो उसी समय उन्होंने जापान सरकार से भारत में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए तकनीकी मदद मांगी थी। जापान सरकार ने हर संभव मदद का भरोसा जताया था। जिस सहमति पत्र पर दोनों देशों के प्रधानमंत्री के दस्तखत हुए थे उसमें बुलेट ट्रेन के साथ ही मेट्रो रेल परियोजना में भी तकनीकी मदद का जिक्र था।
सूत्रों की मानें तो बनारस में मेट्रो रेल के पहले चरण के प्रोजेक्ट पर 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। राहत वाली बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में विश्व बैंक ने भी मदद का आश्वासन दिया है। फिलहाल दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारी पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को साकार करने में जुटे हुए हैं।
ओबामा भी कर सकते हैं मदद का ऐलान
अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आ रहे हैं। वह भारत में चल रही विकास योजनाओं में तकनीकी मदद का ऐलान कर सकते हैं। शहरी विकास मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि मेट्रो रेल परियोजना में अमेरिका आर्थिक के साथ ही तकनीकी संसाधन भी मुहैया करा सकता है।