मेनका ने की वरुण को वापस लाने की पैरवी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने एक बार फिर अपने बेटे वरुण गांधी को अहम जिम्मेदारी देने की बात कही है।
वरुण को भाजपा के नए अध्यक्ष बने अमित शाह की टीम में जगह नहीं दी गई है। मेनका इससे पहले वरुण को यूपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश कर चुकी हैं।
यूपी में हाल के उपचुनावों में मिली हार पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह काफी निराशाजनक है। इससे ज्यादा कुछ भी बोलने से उन्होंने इनकार कर दिया।
प्रदेश में उनके बेटे वरुण समेत अन्य स्टार प्रचारकों के नजर नहीं आने के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। फिर तंज भरे अंदाज में कहा कि अच्छा, इसलिए अब हम वरुण को वापस लाने जा रहे हैं।
उपचुनाव में मिली हार के बाद दिया बयान
रुण उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर सीट से लोकसभा सांसद हैं। लोकसभा चुनाव और पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान वरुण पार्टी के स्टार प्रचारक थे।
हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी में किए काम की सराहना किए जाने और कोलकाता में मोदी की रैली को सामान्य बता जाने के बाद से वरुण पार्टी में साइड लाइन कर दिए गए।
बची-खुची कसर अमित शाह की नई टीम में जगह नहीं देकर पूरी कर दी गई। कुछ महीने पहले मेनका ने वरुण का नाम यूपी के सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर उछाला था लेकिन उस वक्त पार्टी नेताओं ने उनके बयान को निजी बताकर पल्ला झाड़ लिया था। अब एक बार फिर मेनका ने यूपी में पार्टी की हार के बहाने वरुण को फ्रंट लाइन में लाने की मुहिम छेड़ दी है।