फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   menka gandhi slapped forest officer

गुस्साई मेनका गांधी ने वनकर्मी को जड़ दिया थप्पड़!

Mon, 11 May 2015 02:59 PM IST
Updated Mon, 11 May 2015 02:59 PM IST
विज्ञापन
menka gandhi slapped forest officer

वन विभाग की माला रेंज की गढ़ा चेक पोस्ट पर तैनात निकासी मुंशी ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी पर थप्पड़ मारने और अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए थाना गजरौला में तहरीर दी है।

विज्ञापन


निकासी मुंशी ने यही शिकायत फोन पर डीएम से भी की। देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए वह थाना गजरौला में ही बैठा हुआ था लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी।
विज्ञापन


रविवार सुबह 9.15 बजे केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का काफिला पूरनपुर से पीलीभीत की ओर आ रहा था। इसी दौरान उन्होंने रास्ते में गढ़ा चेक पोस्ट पर वन कर्मियों को जंगल में आग जलाते हुए देखा। इसके बाद मेनका ने वहां मौजूद निकासी मुंशी रूपलाल वर्मा से आग लगने की वजह पूछी।
विज्ञापन
विज्ञापन


रूपलाल का आरोप है कि उसके यह कहते ही कि जंगल में कहीं भी आग नहीं लगी है, मेनका नाराज हो गईं और उस पर बहस करने का आरोप लगाते हुए थप्पड़ मार दिया। रूपलाल का कहना है कि जब उसने मारपीट का कारण पूछा तो मेनका ने अपशब्द कहते हुए उसे धक्का दे दिया। वह गिर गया तो उसके पेट पर भी लात मारी।

'पिटाई या अपशब्द बोलने की बात गलत'

menka gandhi slapped forest officer

मेनका के जाने के बाद रूपलाल ने इसकी सूचना फोन पर अपने अधिकारियों और डीएम ओएन सिंह को दी। डीएम ने उसे लिखित शिकायत देने को कहा। इसके बाद रूपलाल ने थाना गजरौला पहुंचकर मेनका गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दे दी।

रूपलाल के मुताबिक एसओ ने उससे केंद्रीय मंत्री को बड़ी हस्ती बताते हुए मुकदमा दर्ज न कराने को कहा, लेकिन वह हर हाल में रिपोर्ट दर्ज कराएगा। उधर, प्रभारी एसपी सुधीर कुमार इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे।

मेनका गांधी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री का कहना है कि जंगल से गुजरते वक्त गढ़ा चेक पोस्ट पर स्टॉफ के लोग आग जलाते हुए मिले थे। इस पर उन्होंने उनको डांटते हुए जंगल की रक्षा करने के लिए कहा था। पिटाई या अपशब्द बोलने की बात गलत है।

ओएन सिंह, डीएम पीलीभीत ने बताया कि निकासी मुंशी ने केंद्रीय मंत्री द्वारा पीटे जाने की मौखिक शिकायत की थी। उससे लिखित शिकायती मांगी गई थी लेकिन वह लौटकर नहीं आया। लिखित शिकायत मिलेगी तो नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed