बड़ा कब्रिस्तानः बॉलीवुड सितारे भी दफन हैं यहां
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जिस बड़े कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को याकूब मेमन का शव दफनाया गया, वह सिर्फ नाम से बड़ा नहीं है। उसका आकार और पहचान दोनों बड़ी हैं। दक्षिण मुंबई के मरीन लाइंस इलाके में स्थित यह कब्रिस्तान देश के सबसे बड़े मुस्लिम कब्रिस्तानों में से एक है।
इसके एक तरफ हिंदू चंदनवाड़ी श्मशान भूमि है, तो दूसरी तरफ पारसी श्मशान स्थल। इस कब्रिस्तान में मुंबई अंडरवर्ल्ड के खतरनाक नामों से लेकर सिनेमा की दुनिया के नामी सितारे तक आखिरी नींद में सोए हैं।
बड़ा कब्रिस्तान मरीन लाइंस स्टेशन के नजदीक है और करीब 7.5 एकड़ में फैला है। यहां सात हजार कब्रें हैं। इस कब्रिस्तान का इतिहास 150 साल पुराना है। कब्रिस्तान की देखरेख जामा मस्जिद ट्रस्ट करता है।
दाऊद का परिवार यहीं दफन
इस कब्रिस्तान में मुंबई अपराध जगत में कभी डॉन रहे हाजी मस्तान और करीम
लाला की कब्रें यहीं हैं। जबकि मदर इंडिया जैसी क्लासिक फिल्म के निर्देशक
महबूब खान, अभिनेत्री नरगिस और गायिका सुरैया जैसी हस्तियों की भी कब्रें
यहां पर हैं।
इनके परिजन हर साल इन्हें याद करने और कब्रों पर फूल चढ़ाने
आते हैं।मुंबई बम विस्फोटों के असली अपराधी दाऊद इब्राहिम के पिता इब्राहिम कासकर, मां अमीना बी, भाई शब्बीर, बहनोई इब्राहिम पारकर और बहन हसीना पारकर की कब्रें भी इसी कब्रिस्तान में हैं।
दाऊद के बड़े भाई शब्बीर की 1981 में पठान गैंग द्वारा हत्या के बाद जब उसे यहां दफनाया गया, तब कासकर परिवार ने तय किया कि उनके आखिरी आराम का स्थल बड़ा कब्रिस्तान ही रहेगा।
यहीं दफन होना चाहता है डॉन
इसके बाद 1982 में परिवार ने ट्रस्ट में पांच हजार रुपये की रकम जमा कराई और एक जगह परिवार के लिए ले ली। इस कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले ट्रस्ट में आज भी हर साल परिवार की कब्रों की विशेष देखभाल के लिए धन जमा कराया जाता है।
कहा जाता है कि पिता की मौत के बाद दाऊद इब्राहिम ने उनकी कब्र पर चढ़ाने के लिए कई ट्रक गुलाब की पंखुड़ियां मंगवाई थीं। उनकी खुशबू तीन दिन तक पूरे कब्रिस्तान में फैली रही।
डी कंपनी के पुराने लोग बताते हैं कि दाऊद भी अपने लिए यहीं माता-पिता के पास जगह पाने की इच्छा व्यक्त करता रहा है। उसे माता-पिता और परिवार से बहुत प्यार है।
लेकिन पाकिस्तान नहीं करेगा स्वीकार
जबकि भारतीय खुफिया तंत्र के अधिकारी कहते हैं कि यदि दाऊद की मौत पाकिस्तान में हुई तो उसे अपने छोटे भाई नूरा की तरह वहीं दफन होना पड़ेगा, क्योंकि पाकिस्तान कभी यह स्वीकार नहीं करेगा कि डी कंपनी के मुखिया को उसने अपने यहां शरण दे रखी है।
मार्च 2009 में जब दाऊद के छोटे भाई नूरा की पाकिस्तान में मौत हो गई थी, तब उसे बड़ा कब्रिस्तान में दफनाने की बात चली थी, परंतु उसे कराची में ही अज्ञात स्थल पर दफन किया गया।