पीएम मोदी की ही नहीं सुन रहे हैं उनके सांसद
संसद में उपस्थित रहने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नसीहत उनके अपने दल के सांसदों पर ही बेअसर हो रही है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट के जरिए जिस दिन यह बयान दिया कि संसद का कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है।
ठीक उसी दिन बयान के चंद घंटो बाद संसद के दोनों सदनों में कोरम का अभाव दिखा। कोरम के इस अभाव ने सरकार के सदन प्रबंधन की कलई खोल दी है। सरकार के रणनीतिकार सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चला पाने में बुरी तरह विफल रहे हैं।
शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि संसद की कार्यवाही सही तरीके से चल रही है। इसका श्रेय उन्होंने सभी दलों को दिया। पीएम के इस बयान के ठीक तीन घंटे बाद ही सरकार के प्रबंधन की कलई खुली।
भोजनावकाश के बाद दोपहर 2:15 के बाद आधा घंटे तक लोकसभा की कार्यवाही इसलिए नहीं चल सकी कि सदन में कोरम पूरा नहीं था। यानी सरकार की ओर से सांसद लोग नहीं थे।
लोकसभा में कम से कम 54 संसद होने चाहिए ताकि सदन चल सके। राज्यसभा में भी लंबे समय तक कोरम की घंटी बजती रही। तो लोकसभा में दोपहर 2:15 बजे से 10 मिनट तक कोरम की घंटी बजती रही।
भागते दिखे रुड़ी
संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी सेंट्रल हॉल से लेकर सदन के
गलियारे में भागते दिखे। ताकि सांसदों का कोरम पुरा हो सके।
सरकार की कोशिश
के बावजूद 54 सांसद नहीं जुट पाए। इसे देख उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई के
निर्देश को सुनाते हुए उनके सहयोगी अधिकारी ने कहा कि कोरम के अभाव में सदन
की कार्यवाही स्थगित की जाती है। दोबारा से 2:45 पर सदन की कार्यवाही शुरू
हो सकी।
इस बीच लोकसभा में विपक्ष ने सरकार पर हमले का मौका नहीं
गंवाया। कांग्रेस के अधीर चौधरी और केसी वेणुगोपाल सरकार पर निशाना साधते
रहे। अधीर ने सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए।
क्या यही न्यूनतम गवर्मेंट और अधिकतम गवर्नेंस है।
हेल्थ चेकअप कराने गए हैं सांसद
सरकारी पक्ष से राजीव
प्रताप रूडी विपक्ष को समझाइश देते दिखे। इसपर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच
नोकझोंक भी दिखी। सरकार की ओर से इशारा किया गया कि विपक्ष के बेंच पर भी
सांसद नहीं हैं।
तो विपक्ष का जवाब आया कि सदन चलाने की जिम्मेदारी सरकार
की है। भाजपा को जनता ने 282 सांसद क्या इसीलिए दिए कि वे सदन से बाहर
रहें।
एक महिला सांसद ने कहा कि सांसद अपना हेल्थ चेकअप कराने गए हैं। आजकल
संसद में सभी सांसदों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप चल रहा है। बहरहाल
शुक्रवार को दोपहर बाद संसद में छुट्टी जैसा माहौल था और ज्यादातर सांसद
उपस्थिति दर्ज कराकर वापस चले गए।