कंपनी का इंजीनियर बोला, मक्का हादसा खुदा की देन
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सऊदी अरब में मक्का की मुख्य मस्जिद में क्रेन गिरने से हुई दुर्घटना 'खुदा का काम' है न कि ये तकनीकी गड़बड़ी है। ये कहना है उस कंपनी के इंजीनियर का जिसकी क्रेन गिरने से हादसा हुआ था, जिसमें अब तक 115 लोगों की मौत हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भारी बारिश और आंधी के बाद मक्का की मुख्य मस्जिद के आंगन में क्रेन गिर पड़ी थी, जिसमें 115 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए। क्रेन सऊदी अरब की सऊदी बिन लादेन कंपनी की थी।
कंपनी के इंजीनियर ने कहा कि मुख्य मस्जिद में विस्तार का काम चल रहा था और क्रेन तीन से चार साल से बिना किसी समस्या के वहां थी। और भी बहुत सारे सामान वहां रखे गए थे। उन्हें रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई। ये तकनीकी गड़बड़ी का मामला कतई नहीं है।
मक्का की मुख्य मस्जिद के विस्तार का काम देख रही कंपनी सऊदी बिन लादेन आतंकी संगठन अल कायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन के परिवार की कंपनी है।
हादसे में अब तक 11 भारतीयों की मौत
कंपनी के इजीनियर ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, 'मैं केवल कह सकता हूं कि जो हुआ वह मनुष्य की क्षमताओं से बाहर था। वो भगवान का काम था। मेरी जानकारी में किसी भी प्रकार की मानवीय गलती नहीं हुई थी।'
मक्का की मुख्य मस्जिद में हादसा ऐसे वक्त हुआ है, जबकि वहां हज के लिए दुनिया भर से हजारों की संख्या में मुस्लिम इकट्ठा हैं। इंजीनियर ने बताया कि क्रेन को ऐसे लगाया गया था कि किसी कोई परेशानी न हो। मस्जिद के जिस हिस्से में काम चल रहा था, वहां बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं इसलिए काम करने में परेशानी आती है।
इंजीनियर ने बताया कि हादसे की दिन तेज रफ्तार आंधी के चलते क्रेन का भारी-भरकम हुक झटके खाने लगा, जिससे पूरी-पूरी क्रेन पलट गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उस दिन हवाएं इतनी तेज थी कि कार तक उड़ती हुई लग रही थी।
मक्का हादसे में अब तक 11 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 की पहचान हो चुकी है।