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वो महिला, जिसने खत्म किया लालू-जया का दौर

Thu, 02 Oct 2014 01:03 PM IST
Updated Thu, 02 Oct 2014 01:03 PM IST
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Meet Lily Thomas behind clipping of wings of convicted politicians like Jaya, Lalu

पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयाललिता का राजनीतिक को अधर में डाल देने के पीछे लिली थॉमस का बहुत बड़ा योगदान है। 87 वर्षीय लिली थॉमस ने भ्रष्टाचारी नेताओं के चुनाव लड़ने और राजनीति से बाहर करने को लेकर याचिका दायर की थी।

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इकॉनामिक टाइम्स के की खबर के मुताबिक जयललिता ने भी एक बार खुद के वकील बनने की इच्छा को जाहिर किया था। पर उन्हें नहीं पता था कि उनका राजनीतिक कॅरियर अधर में डालने वाली भी एक वकील ही होगी।
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लिली की पौत्री थनगम जोकि गुड़गांव में रहती हैं, ने बताया कि जयललिता को सजा सुनाए जाने के बाद परिवार वालों ने अब सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला किया है। जयललिता का सजा सुनाए जाने के बाद तमिलनाडु में लोगों का गुस्सा और रोष को देखते हुए यह फैसला किया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने दिया पक्ष में फैसला

Meet Lily Thomas behind clipping of wings of convicted politicians like Jaya, Lalu

प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत ऐसे लोग जिनको दो साल या उससे ज्यादा की सजा हुई हो, ऐसे नेताओं को अयोग्य करार देने को लेकर लि‌ली थॉमस ने याचिका दाखिल की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लिली थॉमस की पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बाद से पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को न सिर्फ अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा। ‌बल्कि लोकसभा और विधानसभा की सदस्यता भी तुरंत खत्म हो गई।

जयललिता को सजा मिलने पर लिली थॉमस कहती है कि, "जब जयललिता मुख्यमंत्री थी तब वह शक्तिशाली दिखती थी पर अब वह अकेली हैं। आखिरकार उनकी पार्टी ने उन्हें क्यों नही रोका। अब वो धन कहां है? हमारा कानून एकदम साफ होना चाहिए कि यहां पर कोई यदि और लेकिन नहीं है।"

तीसरी याचिका पर आया फैसला

Meet Lily Thomas behind clipping of wings of convicted politicians like Jaya, Lalu

पिछले सप्ताह सीढ़ियां उतरते समय हुए हादसे में उनके हाथ टूट गया। अब वो आराम कर रही है। वह साल 2005 को याद करती है तो बताती है कि कैसे उनकी दो बार याचिका स्वीकार नहीं की गई थी।

उसके बाद तीसरी बार याचिका दाखिल करने पर वह सफल हो पाईं। लिली बताती है कि कैसे इस सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रोकने के लिए जल्दबाजी में ऑर्डिनेंस लाया जा रहा था।

इसके खिलाफ भी लिली लड़ने के लिए तैयार थी, सारी तैयारी पूरी हो गई थी। पर बाद में वह ऑर्डिनेंस वापस ले लिया गया। वो कहती है कि कृष्‍ण ने भागवत गीता में कहा है कि जब कभी भी धर्म संकट में होगा, उसकी रक्षा के लिए में जन्म लूंगा।

संसद मे साफ सुथरी छवि के लोग चाहिए

Meet Lily Thomas behind clipping of wings of convicted politicians like Jaya, Lalu

पर यहां हर दिन धर्म को तोड़ा जा रहा है। हमें आज संसद में साफ-सुथरी छवि के लोगों की जरूरत है, ऐसे लोग जो लोकतंत्र को सिद्घांतों के आधार पर चला सकें। इस मुद्दे पर उन्हें बहुत से विशेषज्ञों से मदद मिली। फली नरीमन ने उनके अनुरोध पर इस मामले की पैरवी की।

लिली थॉमस केरल के कोट्टयम की रहने वाली हैं। लिली थॉमस त्रिवेंद्रम में बड़ी हुई और मद्रास हाईकोर्ट में वर्ष 1955 में अपना पंजीकरण कराया। उन्होंने तब सुप्रीम कोर्ट में जब प्रैक्टिस करना शुरू की। तब सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ तीन महिला वकील ही वहां अभ्यास करती थी।

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