मेरठ के हाशिमपुरा कांड में सभी 16 आरोपी बरी
मेरठ दंगे के 16 आरोपियों को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने बरी कर दिया है। वर्ष 1987 में मेरठ के हाशिमपुरा में दंगे में एक ही समुदाय के 42 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 19 पीएसी के जवानों को आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान अब तक तीन पीएसी जवानों की मौत भी हो चुकी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई भी सबूत पेश नहीं किए जा सके।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था।
आरोपियों की नहीं हो पाई पहचान
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि कोर्ट अपना फैसला जनभावनाओं के आधार पर नहीं देता है बल्कि सबूतों के आधार पर देता है। बचाव पक्ष के वकील ने यह भी बताया कि उस घटना के प्रत्यक्षदर्शी कोर्ट में आरोपियों की पहचान नहीं कर पाए।
22 मई 1987 में यह जनसंहार हुआ था। इसमे पीएसी के जवानों पर आरोप लगा था कि उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में वर्ष 1995 में चार्जशीट दायर की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मामला सिद्घ नहीं कर पाई। अब उत्तर प्रदेश सरकार पर उंगली उठनी लाजिमी है।