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मेरठ नरसंहार: रूह कंपाने वाली है पूरी कहानी

Fri, 30 Jan 2015 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 30 Jan 2015 11:48 AM IST
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meerut murder case.

मेरठ में लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में 25 जनवरी की रात हुए सामूहिक हत्याकांड को एकतरफा प्यार में अंजाम दिया गया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने रुखसाना के भांजे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। इस नरसंहार की वजह रुखसाना की बड़ी बेटी से दोस्त का एकतरफा प्यार और शादी की जिद बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी नामजद आरोपी साकिब को क्लीन चिट नहीं दी है। विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

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गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस की सुबह सुहेल गार्डन स्थित एक प्लाट में बनी कोठरी से रिमसा, जूली, सुहेल और खुशी उर्फ गूंगी के शव बरामद किए थे। जबकि बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर फाटक के पास से एक महिला और युवक का शव मिला था। महिला की शिनाख्त मरने वाले इन बच्चों की मां रुखसाना पत्नी नवेद के रूप में हुई थी। युवक की पहचान किठौर निवासी शाद के रूप में हुई थी।
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रुखसाना खतौली नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन शराफत अली की पुत्रवधू थी। जेठ साकिब अली उर्फ बांके से चल रहे करोड़ों रुपये के प्रॉपर्टी विवाद में नवेद करीब ढाई साल से मुजफ्फरनगर जेल में है। रुखसाना के भाई ने थाना लिसाड़ी गेट पर साकिब के खिलाफ शक के आधार पर हत्या का केस दर्ज कराया था। तभी से साकिब भी फरार है।

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आला ए कत्ल बरामद

meerut murder case.

बृहस्पतिवार को डीआईजी ओंकार सिंह और एसएसपी एसएस बघेल ने संयुक्त रूप से इस केस का खुलासा करते हुए बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप में मृतका रुखसाना के रिश्ते के भांजे मोहसिन पुत्र इकराम और उसके दोस्त नईम उर्फ मीम पुत्र अब्दुल सलाम को गिरफ्तार किया गया है। दोनों लक्खीपुरा लिसाड़ी गेट के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त खून से सनी दो छुरी, खून से सने दो जोड़ी कपड़े, जूते और अपाचे बाइक भी बरामद हुई है।

डीआईजी ने बताया कि मोहसिन मूल रूप से सरधना का निवासी है। रुखसाना भी खतौली के बाद सरधना में रही थी। रुखसाना दूर के रिश्ते में मोहसिन की खाला (मौसी) लगती थी। वर्तमान में मोहसिन और मीम भी लिसाड़ीगेट में ही रह रहे थे। मीम ने पूछताछ में बताया कि वह रुखसाना की बड़ी बेटी रिमसा से शादी करना चाहता था। लेकिन रुखसाना और शाद ने यह कहकर इंकार कर दिया था कि एक तो मीम पहले से शादीशुदा है और वह अंसारी बिरादरी से है। रुखसाना का इंकार करना मोहसिन और मीम दोनों को ही नागवार गुजरा था। इसके बाद ही दोनों ने रुखसाना और शाद को रास्ते से हटाने की साजिश कर डाली। दोनों को मारने की प्लानिंग वारदात के 15 दिन पहले बनाई थी।

पहले रुखसाना और शाद को मारा, फिर रेती बच्चों की गर्दन

साजिश के अनुसार 25 जनवरी की रात दोनों ने रुखसाना के जरिए शाद को सुहेल गार्डन स्थित कोठरी पर बुलवाया। पहले से खरीदकर लाई गई नशे की गोलियां खाने में मिला दीं। इस बीच खाना कम पड़ने की बात सामने आने पर मोहसिन और मीम रुखसाना व शाद को यह कहकर साथ ले गए कि चलो बाहर किसी होटल पर खाना खाकर आते हैं। इसके बाद दोनों को जुर्रानपुर फाटक के पास जंगल में ले जाकर छुरी से गला काटकर और शाद को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद दोनों सुहेल गार्डन पहुंचे तो चारों बच्चे अर्ध बेहोशी में मिले। कहीं बच्चे भेद न खोल दे, इसलिए रिमसा समेत सभी बच्चों की भी गला काटकर नृशंस हत्या कर दी। डीआईजी के अनुसार साकिब की नवेद से प्रापर्टी को लेकर चल रही रंजिश और हत्याकांड को जोड़कर भी जांच चल रही है। इसलिए अभी साकिब को क्लीन चिट नहीं दी गई है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

दोनों आरोपियों ने कबूला हत्याकांड

meerut murder case.

प्रेसवार्ता के दौरान मोहसिन और मीम दोनों ने सभी छह लोगों की हत्या करना कबूला। बताया कि हत्या की साजिश 15 दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। बस उन्हें मौके का इंतजार था। उन्होंने नींद की गोलियां लिसाड़ी गेट के ही एक मेडिकल स्टोर से खरीदना बताया।

बाधा बना था शाद
पुलिस के अनुसार मोहसिन और मीम दोनों रुखसाना के करीबी बनना चाहते थे, लेकिन उनकी मौजूदगी शाद को नागवार गुजरती थी। पेशे से बाइक मैकेनिक शाद ही एक तरह से रुखसाना और पूरे परिवार का खर्चा उठाता था। मोहसिन और मीम के अनुसार शाद की वजह से रुखसाना शादी के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए शाद को भी मारना बेहद जरूरी था।

कहीं सुपारी किलिंग तो नहीं
इस पूरे खुलासे में अभी झोल है। जिस तरह से इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दिया गया और गिरफ्तार आरोपियों के हवाले से पुलिस ने जो पटकथा तैयार की, उसमें कई तथ्य ऐसे हैं जो मेल नहीं खाते। कहीं न कहीं माना जा रहा है कि साकिब ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते रुखसाना और उसके बच्चों को रास्ते से हटाने के लिए मोहसिन का सहारा तो नहीं लिया। पुलिस अफसर भी अभी साकिब की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं हैं।

खिलाकर सुलाया और जगाकर मार डाला

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दो पहर का खाना बमुश्किल नसीब होता था उन्हें। 25 जनवरी की रात उनसे खाने की फरमाइश पूछी गई। ठीक उसी तरह जैसे किसी को मारने से पहले उसकी आखिरी इच्छा पूछी गई हो। किसी भी अनहोनी से अनजान रुखसाना ही नहीं चारों बच्चों ने भी अपनी इच्छा जाहिर की। किसी ने कबाब मंगाया तो किसी ने कुछ। आरोपी खाने का सारा सामान लेकर पहुंचे लेकिन उसमें नशे की गोलियां मिला दी थीं। खाना कम पड़ा तो रुखसाना और शाद को लेकर होटल में खाना खिलाने की बात कहकर चल दिए। रास्ते में ही दोनों को मौत के घाट उतार दिया। लौटकर सुहेल गार्डन आए और नशीला खाना खाकर सो रहे बच्चों को जगाकर उनकी भी हत्या कर दी।

रुखसाना और उसके बच्चे शनिवार को सुहेल गार्डन में शानू की अधबनी कोठरी में आए थे। उसी शाम को आरोपी मीम रुखसाना के दिलशाद गार्डन स्थित पहले वाले घर पहुंचा। कमरा खाली मिला तो उसने रिमसा के मोबाइल पर कॉल की। रिमसा ने उसे बताया कि शाद ने सुहेल गार्डन में कमरा दिला दिया है। इसके बाद रविवार दोपहर मीम ने रिमसा को फोन करके पता पूछा। फिर मोहसीन को भी फोन कर बुलाया। घर पहुंचकर दोनों ने सभी से खाने पीने की इच्छा पूछी और चले गए। रात आठ बजे मीम अपनी अपाचे बाइक से मोहसिन के साथ पहुंचा। यहां शाद पहले से ही चारपाई पर लेटा था। दोनों आरोपियों ने कबाब और शराब के साथ ही नशे की गोलियां और दो छुरी भी खरीदी थी। कबाब में सात और शराब की बोतल में दो गोली नशे की मिला दी। इसके बाद पूरे परिवार को खाना खिलाया जबकि रुखसाना और तीनों युवकों ने शराब पी। इसके बाद दोनों आरोपी शाद और रुखसाना को लेकर एक ही बाइक से एक होटल में खाना खाने के लिए चल दिए। रास्ते में दोनों को मार दिया गया। इसके बाद वापस आकर दोनों बच्चों को मार दिया। प्रेसवार्ता में दोनों ने बताया कि हम जल्लाद बन गए थे।

कमरे बदलते ही बनाया प्लान
आरोपियों का दावा है कि वारदात के 48 घंटे पहले ही हत्याकांड की साजिश बनाई गई। रुखसाना को शाद ने कमरा दिलवाया, इसकी जानकारी रिमसा ने मीम को फोन पर दी थी। बगैर उसे बताए कमरा बदलने की कहानी उसे पसंद नहीं आई और उसने इस जघन्य हत्याकांड की प्लानिंग कर डाली। (तस्वीर में शाद)

मीम हलाल करता रहा, मोहसिन मौत की तसल्ली

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आरोपी नईम उर्फ मीम एक वार करके ‘हलाल’ करता गया जबकि मोहसिन उनका गला काटकर मौत की तसल्ली करता था। समूचे परिवार की हत्या करने में आरोपियों ने यही तरीका इस्तेमाल किया है। इनका खुलासा सुनकर पुलिस भी दंग रह गई।

आईजी आलोक शर्मा और डीआईजी ओंकार सिंह बृहस्पतिवार सुबह दोनों आरोपियों से पूछताछ करने क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचे। पुलिस अफसरों ने दोनों से क्राइम सीन कराया। इसमें मीम ने बताया कि रविवार रात साढ़े 11 बजे बाइक से शाद और रुखसाना को जंगल ले गए। मीम ने पहला वार शाद के गले पर किया। शाद जमीन पर गिरा तो मोहसिन ने उसके बाल पकड़कर गला काट डाला। इसके बाद मोहसिन ने अपनी खाला रुखसाना का भी गला काटा। एक छुरी वहीं पर फेंककर दोनों सुहैल गार्डन पहुंचे। मीम बोला कि बच्चे पूरी तरह बेहोश नहीं थे, सुबह वह सारा राज खोल देंगे। इसके चलते उन्हें भी मारने की प्लानिंग की। कोठरी का दरवाजा खुला था, दोनों अंदर घुस गए। मीम ने रिमसा को जगाया और उसके गले पर छुरी मारी। उसके बाद मोहसिन ने मीम से छुरी ली और गला रेत दिया। कातिलों ने तीनों बच्चों सुहेल, जूही और खुशी को भी ऐसे ही मारा। मोहसिन ने जाते समय भी बच्चों के बाल पकड़कर देखा कि कोई जिंदा तो नहीं है।

दो बच्चे चिल्लाए...
आरोपी मीम ने बताया कि एक एक छुरी लगने पर सुहेल और जूही चिल्लाए थे। लेकिन वहां उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। इसके बाद मोहसिन ने दोनों बच्चों का गला काट डाला। दोनों आरोपियों के कपड़े और जूते खून से सन गए थे। घर जाकर इन्हें बदले।

मेडिकल स्टोर के संचालक को उठाया

आरोपी मीम पड़ोस के मेडिकल स्टोर से नशे की गोलियां लाया था। मेडिकल स्टोर संचालक साजिद को पुलिस ने उठा लिया है। नशे की गोली बेचने की परमिशन किसने दी, इसकी पूछताछ करने में पुलिस लगी है। पुलिस ने बताया कि साजिद को जेल भेजा जाएगा।

‘रिमसा और शाद को देखकर खौल जाता था खून’

डीआईजी ओंकार सिंह के एक सवाल के जवाब में आरोपी मीम और मोहसिन बोले, रिमसा को शाद के साथ देखकर उनका खून खौल उठता था। एक दिन रिमसा और शाद एक चारपाई पर लेटे थे, तभी मन कर रहा था कि दोनों को मार दूं।

गले नहीं उतर रही गहरे दोस्तों की पटकथा

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1010 के उस कमरे में जिस तरह से कत्लेआम हुआ, उसकी पटकथा लिखने वाले दो गहरे दोस्त मोहसिन और नईम उर्फ मीम का इकबाल-ए-जुर्म गले नहीं उतर रहा है। कातिलों ने भले ही सीना ठोककर खून की होली खेलने की बात कबूली हो, लेकिन कई वजह हैं जो इस खुलासे पर सवाल खड़ा कर रही हैं। इस पूरी कहानी में यह भी अंदेशा है कि इस सामूहिक हत्याकांड में आरोपी और भी हैं, और पुलिस उन्हें क्यों बचा रही है।

- दोनों आरोपियों का दावा कि केवल उन्होंने ही हत्याओं को अंजाम दिया।
जबकि मौका-ए-वारदात पर माना गया था कि इस तरह नृशंसता से हत्या करने में पांच से सात लोग शामिल रहे होंगे। वैसे भी दो लोगों द्वारा इस नरसंहार को अंजाम देना गले नहीं उतरता।

- रुखसाना और शाद को जंगल में और बच्चों को कमरे में मारा।
एक ही बाइक से चार लोगों का बारिश के दौरान जंगल के ऊबड़-खबड़ रास्ते से अंधेरे में पांच किमी जाना और बिजली बंबा बाईपास पर कहीं भी कोई होटल या ढाबा न होना संदेह पैदा करता है। जहां दोनों को मारा गया, वहां आम रास्ता है, जबकि इन दोनों को भी कोठरी में मारना ज्यादा मुफीद था। वैसे भी जब शराब और ड्रग्स का नशा हो तो कैसे बाइक चला ली गई।

- रुखसाना और शाद नहीं चाहते थे कि रिमसा से मीम की शादी हो।

जब रुखसाना और शाद को मोहसिन और मीम की मौजूदगी नागवार गुजरती थी तो क्या वजह थी जो रुखसाना और शाद ने इन दोनों के साथ शराब पी और मीट खाया? अहम सवाल यह भी कि इन परिस्थितियों में देर रात दोनों मोहसिन और मीम के साथ घर से निकल गए, जबकि जवान लड़की और बच्चे घर में अकेले थे।

- सभी ने कत्ल की रात मीट और शराब की दावत उड़ाई थी, मीट में नींद की गोलियां मिलाईं।

पीएम रिपोर्ट में पेट में शराब या नशीले पदार्थ की बात सामने नहीं आई थी, हां यह जरूर स्पष्ट था कि सभी को मारने से पहले बेसुध करने के लिए कोई नशीला पदार्थ सुंघाया गया, ताकि वे विरोध न जता सकें, इस केमिकल को एफएसएल भी भेजा गया है।

- साकिब से इस हत्याकांड का क्यों कोई लेना-देना नहीं।

दोनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करने के बाद पुलिस ने एक तरह से साफ कर दिया कि साकिब का इस सामूहिक हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं, जबकि पुलिस और क्राइम ब्रांच ने साकिब की तलाश में रात दिन एक कर दिया था। गौरतलब है कि रुखसाना के परिजनों ने सोमवार को करोड़ों की प्रॉपर्टी के विवाद में साकिब को नामजद किया था और बृहस्पतिवार को पुलिस के इस खुलासे को भी नकार दिया है।

इन दलीलों में था दम

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बुधवार आधी रात तक पुलिस अफसर भी इन संभावनाओं और दलीलों में दम मान रहे थे कि इन सभी छह लोगों को सुनियोजित साजिश के चलते कोठरी में ही मारा गया। पुलिस करोड़ों रुपये के प्रॉपर्टी विवाद और प्रेम प्रसंग की लाइन पर रही थी। पुलिस अफसर भी मानकर चल रहे थे कि कोठरी से रुखसाना और शाद का शव गायब करने और किसी मुकम्मल ठिकाने लगाने का मकसद रहा होगा कि जब दोनों शव नहीं मिलेंगे तो शक रुखसाना और शाद पर जाएगा कि दोनों प्रेम प्रसंग के चलते बच्चों को मारकर फरार हो गए होंगे। दोनों को ठिकाने लगाने के लिए किसी दूसरे जिले में ले जाते समय किसी कारण से शव बाईपास के पास जंगल में ही फेंकने पड़े होंगे।

साकिब से प्रभावित तो नहीं यह खुलासा
सवाल इस केस में साकिब की भूमिका को लेकर भी है। करीब तीन साल से चली आ रही इस पारिवारिक रंजिश में माना जा रहा था कि यह पूरा षड्यंत्र कहीं साकिब द्वारा तो नहीं रचा गया। क्योंकि भाई को जेल भेजने के बाद इस प्रॉपर्टी के वारिस अभी भी जिंदा थे। पहले उन्हें निपटा दो फिर भाई से भी निपटा जाएगा। हालांकि इस पूरे खुलासे में इस बात भी जवाब मिल गया कि शाद को क्यों मारा गया। शाद ही रुखसाना की वक्त बेवक्त मदद करता था। बच्चे उसे चाचा कहते थे। रुखसाना के पति को जेल से बाहर निकालने की पैरवी में भी वह साथ था। वहीं एकमात्र शख्स इस पूरी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा था जो कहीं सरकारी गवाह न बन जाए। इन किरदारों में वे लोग शामिल हो सकते हैं, जो रुखसाना के साथ ही साकिब के भी नजदीकी थे।

गौरतलब है कि नवेद को जेल भेजने के बाद चर्चा थी कि साकिब ने बेवजह उसे जेल भिजवाया था। आरोप है कि पुलिस ने रुपये लेकर साकिब की मदद की थी। अब फिर से सवाल उठने लगे हैं कि साकिब से सेटिंग के चलते तो नहीं पुलिस का खुलासा दो ही आरोपियों पर केंद्रित रह गया है।

खुलासे से संतुष्ट नहीं रुखसाना के परिजन

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मेरठ पुलिस द्वारा लिसाड़ीगेट नरसंहार के किए गए खुलासे से मृतका रुखसाना के परिजन संतुष्ट नहीं है। मृतका के भाई सोनी तथा बहनोई नफीस का अब भी आरोप है कि साकिब अली उर्फ बांके ने ही उनकी हत्या कराई है। वे इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से मिल कर न्याय की गुहार लगाएंगे।

खतौली इस्लामाबाद भूड़ निवासी सोनी की बहन रुखसाना और उसके  चार बच्चों रिमशा, चांदनी, खुशी और सुहेल समेत छह लोगों की रविवार रात्रि में मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में गला रेत कर नृशंस हत्या कर दी गई थी। रुखसाना का पति नवेद उर्फ राजू जिला कारागार में बंद है। रुखसाना पूर्व चेयरमैन हाजी शराफत अली की पुत्रवधू थी। राजू का अपने बडे़ भाई साकिब अली उर्फ बांके से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। मृतका के भाइयों ने उसके जेठ साकिब के खिलाफ लिसाड़ी गेट थाने पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मृतका और उसके चारों बच्चों के शवों को खतौली लाकर दफनाया गया था।

गुरुवार को मेरठ पुलिस ने इस नरसंहार का खुलासा करते हुए मेरठ के लखीबाग निवासी मोहसीन कुरैशी और नईम अंसारी को गिरफ्तार किया है। मेरठ पुलिस का कहना है कि नईम अंसारी शादीशुदा होने के बावजूद रिमशा से निकाह करना चाहता था, जिसका रुखसाना विरोध करती थी, इसी कारण इन दोनों ने मिल कर सबकी हत्या कर दी। इधर, रुखसाना के परिजन मेरठ पुलिस के इस खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उसके भाई सोनी और बहनोई नफीस का आरोप है कि पुलिस ने सही खुलासा नहीं किया है, पुलिस को तह तक जाना चाहिए।

उनका आरोप है कि साकिब ने ही ये नरसंहार कराया है, क्योंकि सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर रुखसाना कोर्ट चली गई थी। जिससे साकिब को यह संपत्ति बंटने का डर हो रहा था। इस पूरे नरसंहार का मुख्य षड्यंत्रकारी साकिब ही है। मृतका के परिजनों का कहना है कि वे पुलिस के आला अधिकारियों समेत मुख्यमंत्री से मिल कर न्याय की गुहार लगाएंगे।

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