116 साल के बूढ़े का ऐसा काम कि नौजवान शर्मा जाएं
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वर्जिश से कोसों दूर रहने वाली जंक फूड की दीवानी नौजवान पीढ़ी को इस खबर को पढ़कर कुछ बुरा भी लगेगा और प्रेरणा भी मिल सकती है। बुरा इसलिए कि वो ऐसा नहीं कर रहे और प्रेरणा इसलिए कि जब यह शख्स ऐसा कर सकता है, तो वो क्यों नहीं कर सकते।
इस शख्स का दावा है कि उनकी उम्र 116 साल है और एथलीट की दुनिया में उन्होंने अपना नाम खास जगह लिखवा दिया है। तमिलनाडु में बुधवार को हुई 35वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने कमाल कर दिया। धर्मपाल गुज्जर जब वहां खड़े थे, तो किसी को ऐतबार नहीं रहा था कि वह क्या कर गुजरेंगे। शायद कुछ लोग उनका मजाक भी बना रहे हों। लेकिन जब रेस खत्म हुई, तो वहां मौजूद हर शख्स दांतों में उंगली दबा बैठे।
46 सेकेंड में दौड़े 200 मीटर
और तो और मंगलवार को उन्होंने 400 मीटर की रेस में जीत भी दर्ज की। 6 अक्टूबर, 1897 को पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले के गुड्ढा गाव में पैदा होने का दावा करने वाले धर्मपाल गुज्जर की बातों पर यकीन करना आसान नहीं। उनका फेसबुक प्रोफाइल भी है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
बोल्ट ने बनाया है 19.19 सेकेंड का रिकॉर्ड
धर्मपाल के प्रोफाइल में लिखा है, "रईस जिंदगी और उच्च शिक्षा के लिए सुविधाएं बेहद सीमित थीं। परिवार का मुख्य पेशा खेती था और मैंने प्रतिकूल मौसम में भी कड़ी मेहनत की।"
अगर उनकी उम्र 116 साल है, तो 200 मीटर की दौड़ में उन्होंने जो वक्त निकाला, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट ने इतने फासले के लिए जो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, वो 19.19 सेकेंड का है।
खुद को बताया पूरी तरह फिट
धर्मपाल गुज्जर का कहना है कि पूरी तरह फिट हैं और देश भर में होने वाली मैराथन में हिस्सा लेते हैं। पिछले साल कोच्चि में हुई रेस में भी उन्होंने हिस्सा लिया था। जाहिर है, बिना फिटनेस के इतनी उम्र में दौड़ना मुमकिन नहीं है।
उनका कहना है कि उनके साथी इवेंट में हिस्सा लेने के लिए उन्हें वित्तीय मदद देते हैं और कई बार खाना भी मुहैया कराते हैं। बुजुर्ग धावक का कहना है कि उन्होंने आज तक सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं मांगी है।
धर्मपाल गुज्जर के मन की टीस
हालांकि, उनके मन में एक टीस भी है। धर्मपाल इस बात से बेहद निराश हैं कि पैसे की कमी के चलते वह अंतरराष्ट्रीय इवेंट में भारत की नुमाइंदगी नहीं कर सके। इसका उन्हें काफी दुख है।
भारतीय मूल के ब्रिटिश धावक फौजा सिंह इस साल 103 बरस के हो गए और उन्होंने दौड़ने से संन्यास ले लिया है। ऐसे में धर्मपाल गुज्जर दुनिया के न सबसे बुजुर्ग धावक हैं, बल्कि शायद फेसबुक प्रोफाइल रखने वाले सबसे बूढ़े शख्स भी हैं।