मेरठ: युवती ने पिता पर लगाए गंभीर आरोप
खरखौदा थाना क्षेत्र निवासी पीड़ित युवती रविवार सुबह घर से निकलकर महिला थाने पहुंच गई थी। उसने अपने पिता पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे अपने माता-पिता से जान का खतरा है।
मेरे पिता मुझे रोज मारते-पीटते हैं। कहते हैं कि पता नहीं तूने ऐसा क्या कह दिया कि न तो अब नेता घर आ रहे हैं और न पैसा। महिला थानाध्यक्ष ने युवती को कोर्ट में पेश किया। जहां से सुरक्षा की दृष्टि से उसे नारी निकेतन भेज दिया गया।
सोमवार को थाना खरखौदा में युवती की लिखित शिकायत के आधार पर उसके पिता के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में एनसीआर दर्ज कर ली गई।
न बयान होंगे, न पुन: विवेचना
एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि युवती द्वारा कोर्ट में दर्ज कराए गए 164 सीआरपीसी के बयानों को ही मुख्य आधार मानते हुए कोर्ट में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दी जा चुकी है।
पुलिस अपनी जांच पूरी कर चुकी है। पुलिस न तो अब आगे युवती के कोई बयान दर्ज कराएगी और न ही नए सिरे से विवेचना कराने की कोई जरूरत है।
न्यायालय द्वारा जो भी आदेश दिए जाएंगे, उसके अनुसार पुलिस कार्रवाई करेगी। जहां तक युवती की जान को खतरा होने का सवाल है तो पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रख रही है। युवती को जहां भी सुरक्षा की जरूरत होगी, दी जाएगी।
दबाव से मुक्त कराएंगे बेटी को
सोमवार को कचहरी पहुंचे युवती के पिता ने कहा कि हमारी बेटी जो कह रही है, वह दूसरे समुदाय के बहकावे और दबाव में आकर बोल रही है। हमारी कोशिश होगी कि उसे इससे मुक्त कराएं।
पुलिस ने पिता के खिलाफ एनसीआर दर्ज
संसद में गूंजने वाले बहुचर्चित खरखौदा प्रकरण की पीड़िता पर जान का खतरा मंडरा रहा है। परिजनों से जान का खतरा बताकर घर छोड़ने वाली यह युवती फिलहाल नारी निकेतन में है। यहां से निकलने के बाद वह कहां जाएगी और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
युवती के परिजनों ने सोमवार को अपनी बेटी को नारी निकेतन से मुक्त कराने के प्रयासों की बात कही। जबकि पुलिस ने युवती के बयानों के आधार पर पिता के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली है। एसएसपी का कहना है कि युवती को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। आगे जो भी कार्रवाई होगी, वह कोर्ट के आदेश पर ही होगी।