यूपी में मेडिकल मोबाइल अस्पताल सेवा बंद!

लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Sep 2012 12:59 PM IST
medical mobile service will be closed
उत्तर प्रदेश के पन्द्रह अति पिछड़े जिलों में घर तक इलाज सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शुरू की गई मेडिकल मोबाइल अस्पताल सेवा बंद हो गई है। इस सेवा का संचालन करने वाली तीनों कंपनियों को बीते कई महीने से पैसा नहीं मिलने की वजह से उन्होंने मोबाइल अस्पताल चलाने से मना कर दिया है। वहीं एनआरएचएम इस योजना को नए सिरे से शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।

वर्ष 2010-11 में पन्द्रह जिलों में मेडिकल मोबाइल अस्पताल सेवा की शुरुआत की गई थी। पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर अति पिछड़े जिलों को छांटा गया था। इन जिलों में करीब 133 मोबाइल अस्पताल ब्लाक स्तर पर तैनात किए गये थे। एनआरएचएम के जरिए लागू इस पूरी योजना पर करीब 42.67 करोड़ रुपए खर्च किए गये और यह योजना सफल भी रही।

पूरे प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को देखते हुए मोबाइल अस्पताल सेवा से अति पिछड़े गांवों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया गया था। जिसके बाद जागरण साल्यूशन, कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटीवेशन प्रोग्राम और डॉ. जैन वीडियो ऑन व्हील्स लिमिटेड को मोबाइल अस्पताल चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

योजना में घोटाले की सीबीआई जांच होने से एनआरएचएम और परिवार कल्याण महानिदेशालय ने इन कंपनियों का सारा भुगतान रोक दिया है। कुछ दिन तो कंपनियों ने इस सेवा का संचालन किया पर बाद में हाथ खड़े कर दिए।

इस योजना से मरीजों को सीधा फायदा हो रहा था। हर ब्लाक में यह मोबाइल अस्पताल हर रोज करीब आठ घंटे खड़े रहते थे। इसके अलावा हर महीने अलग-अलग गांवों में एक-एक दिन मोबाइल अस्पताल को भेजा जा रहा था। इन अस्पतालों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन, मिनी ऑपरेशन थियेटर और जांच की सुविधाएं मुहैया करायी गई थीं।

इन जिलों को मिल रही थीं सुविधाएं
बलिया, बांदा, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, गाजीपुर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, मऊ, मिर्जापुर और सोनभद्र।

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