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भूमि अधिग्रहण के खिलाफ मेधा पाटकर का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 18 Sep 2014 07:55 PM IST
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राजस्थान में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध
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करने के लिए बृहस्पतिवार को नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर जयपुर
पहुंची।
पाटकर के नेतृत्व में राजस्थान के कई स्वयंसेवी संगठनों ने बिल के विरोध में विधानसभा पर प्रदर्शन किया। पाटकर ने बिल को किसान विरोधी बिल बताया।
यह बिल विधानसभा में बृहस्पतिवार को ही पारित होना था, लेकिन सरकार ने इसे फिलहाल रोक लिया है।
पाटकर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्यों को ऐसे बिल लाने को कह रहे हैं, जिससे केन्द्र में आया कानून कमजोर हो जाए और केन्द्र के कानून में भी संशोधन हो सकें।
उन्होंने कहा कि राजस्थन सरकर का यह कानून किसानों और गरीबों के खिलाफ और इसके प्रावधान अग्रेजी हुकूमत की याद दिला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जापानी कम्पनियों और बडे उद्योगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह बिल ला रही है। इधर, राजस्थान सरकार के बिल को लेकर भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाडी ने कुछ सवाल उठाए थे, जिसका जवाब राज्य सरकार नहीं दे पाई और इसे रोक कर विधानसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया।
पाटकर के नेतृत्व में राजस्थान के कई स्वयंसेवी संगठनों ने बिल के विरोध में विधानसभा पर प्रदर्शन किया। पाटकर ने बिल को किसान विरोधी बिल बताया।
यह बिल विधानसभा में बृहस्पतिवार को ही पारित होना था, लेकिन सरकार ने इसे फिलहाल रोक लिया है।
पाटकर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्यों को ऐसे बिल लाने को कह रहे हैं, जिससे केन्द्र में आया कानून कमजोर हो जाए और केन्द्र के कानून में भी संशोधन हो सकें।
उन्होंने कहा कि राजस्थन सरकर का यह कानून किसानों और गरीबों के खिलाफ और इसके प्रावधान अग्रेजी हुकूमत की याद दिला रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जापानी कम्पनियों और बडे उद्योगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह बिल ला रही है। इधर, राजस्थान सरकार के बिल को लेकर भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाडी ने कुछ सवाल उठाए थे, जिसका जवाब राज्य सरकार नहीं दे पाई और इसे रोक कर विधानसभा की प्रवर समिति को भेज दिया गया।