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मेधा पाटकर बढ़ा सकती हैं एनसीपी की मुश्किलें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 17 Feb 2014 11:36 AM IST
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मुंबई की उत्तर पूर्व लोकसभा सीट को बचाना एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के लिए पहले ही बचाना मुश्किल हो रहा है। अब आम आदमी पार्टी द्वारा यहां से समाज सेवी मेधा पाटकर की घोषणा से उनकी मुश्किलें बढ़ना तय हो गई हैं।
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एनसीपी सूत्रों का कहना है कि सांसद व पार्टी की सिटी यूनिट अध्यक्ष संजय पाटिल को पार्टी के भीतर और कांग्रेस की ओर से विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि दो साल पहले उन्होंने नगर निगम चुनावों में उनके उम्मीदवारों को तोड़ने की कोशिश की थी।
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एनसीपी के पार्षद व वरिष्ठ नेता उनके नाम के पक्ष में हैं। यह संसदीय सीट दलित बहुल है, जिस वजह से आरपीआई नेता रामदास अठावले को काफी फायदा पहुंचा है, लेकिन अठावले अब राज्यसभा चले गए हैं।
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नर्मदा बचाओ आंदोलन से लोकप्रिय होने वाली पाटकर की इस सीट पर पकड़ है। नेशनल एलायंस ऑफ पीपुल्स मूवमेंट (एनएपीएम) ने मानखुर्द के स्लम एरिया में काफी काम किया है।
एनसीपी के एक नेता का कहना है कि हम पिछले चुनावों में इस क्षेत्र में अच्छा करते आए हैं, लेकिन पाटकर हमारे हिस्से के वोट ले जाएंगी। घाटकोपर ईस्ट व वेस्ट और मुलुंद में गुजराती ज्यादा हैं।
यहां पर मोदी फैक्टर काम कर सकता है। भाजपा की ओर से पूर्व सांसद किरिट सोमैया को इस सीट पर उम्मीदवार बनाया जा सकता है।