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बीमा पॉलिसी के लिए विकसित होगा मैकेनिज्म

Thu, 27 Sep 2012 01:09 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 27 Sep 2012 01:09 AM IST
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mechanisms will be developed for insurance policy
देश में बीमा उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सरकार कम प्रीमियम वाले उत्पाद लाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा पॉलिसी की मंजूरी में लगने वाले समय को भी कम करने की तैयारी है। यह जानकारी फाइनेंशियल सर्विसेज सचिव डीके मित्तल ने बुधवार को वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेयरमैन जे. हरि नारायण के साथ हुई बैठक के बाद संवाददाताओं को दी।
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मित्तल के अनुसार, पॉलिसी की मंजूरी में लगने वाले समय को कम करने के लिए रोडमैप बनाने पर इरडा तैयार हो गया है। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई है कि कैसे देश में बीमा उत्पादों की पहुंच बढ़ाई जाए। साथ ही निवेश के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी लाई जाए। इसके अलावा, इस बात पर सरकार का जोर है कि कम प्रीमियम वाले उत्पाद लाकर बीमा को लोकप्रिय किया जाए।
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सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय बीमा कंपनियों के लिए आने वाले दिनों में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नियमों में बदलाव कर सकता है। जिससे कि वह ज्यादा से ज्यादा पूंजी जुटा सकें। मौजूदा आंकलन के अनुसार, जीवन बीमा कंपनियों के पास करीब 13 लाख करोड़ रुपये निवेश कोष है। इसमें से 20 फीसदी ही इंफ्रास्ट्रक्टचर सेक्टर में निवेश किया गया है। सूत्रों के अनुसार इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल भी जल्द ही बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने पर फैसला ले सकता है।
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