{"_id":"5135cb26-4c70-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"mayawati-slams-upa-on-quota-in-promotion-bill","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा नहीं, कांग्रेस और यूपीए ने अटकाए रोड़े: माया","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सपा नहीं, कांग्रेस और यूपीए ने अटकाए रोड़े: माया
आशुतोष चतुर्वेदी/संजय मिश्र
Updated Sun, 23 Dec 2012 01:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रमोशन में आरक्षण बिल लोकसभा में अटकाने के लिए सपा नहीं, बल्कि यूपीए सरकार और कांग्रेस जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस कहीं न कहीं राजनीतिक रूप से बसपा से डरती है इसलिए उसने पर्दे के पीछे इस बिल को रोकने की साजिश रची है। राष्ट्रीय राजनीति में भविष्य में कांग्रेस को चुनौती देने का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि वह दलित नेता नहीं, बल्कि सर्वसमाज की राजनीति करते हुए देश की कमान संभालना चाहती हैं।
विज्ञापन
मायावती ने शनिवार को कहा कि जिस दिन सभी वर्गों के कमजोर लोग बसपा की विचारधारा को समझ जाएंगे, उस दिन उन्हें पीएम बनने से कोई रोक नहीं सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक हालात को देकते हुए समय से पहले 2013 में ही लोकसभा चुनाव की संभावना पूरी है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मायावती ने कहा कि नौ-दस महीने में ही यूपी की जनता को महसूस होने लगा है कि बसपा सरकार के काल में कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी बेहतर थी।
संसद के शीत सत्र में प्रमोशन में आरक्षण बिल पारित नहीं होने को लेकर यूपीए सरकार से खफा मायावती ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सोनिया गांधी के लोकसभा में बिल के पक्ष में लड़ाई पर उतरने की कांग्रेस की सफाई को ठुकराते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस दिल से नहीं चाहती थी कि यह बिल पारित हो।
अगर ऐसा नहीं होता तो चेयर से आग्रह कर मार्शल का इस्तेमाल कर बिल पर वोटिंग कराई जा सकती थी। कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए माया ने कहा कि जब महिला आरक्षण बिल पारित कराने के लिए राज्यसभा में मार्शल का सहारा लिया जा सकता है तो फिर इस बिल के लिए कांग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया। नाराजगी के बावजूद बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वह फिलहाल यूपीए सरकार से समर्थन वापस नहीं लेगी, क्योंकि ऐसा करने से उसे बहानेबाजी का मौका मिल जाएगा।