मायावती का नया दांव, मोदी पर गरम कांग्रेस पर नरम
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुलायम सिंह के मुसलिम वोट पर नजर रखते हुए अब सीधे नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले लिया है। उन्होंने मुसलिम समुदाय को सीधे संदेश दिया है कि वह चुनाव के बाद मोदी के साथ हरगिज जाने वाले नहीं।
साथ ही बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि उसकी रणनीति खुद को सत्ता संतुलन का प्रमुख केंद्र बनाने की है ताकि किसी और को समर्थन देने के बजाय दूसरी पार्टी का समर्थन उनको मिले।
मायावती ने मोदी और मुलायम पर अपना गुस्सा जमकर जाहिर किया। हालांकि कांग्रेस पर उनका रुख कुछ नरम दिखा। मायावती ने मुलायम और मोदी दोनों को एक ही थाली का चट्टा बट्टा बताया।
मोदी पर माया गरम
लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान की शुरुआत मायावती ने मंगलवार को दिल्ली से प्रेस कांफ्रेंस के जरिए की।
मायावती ने संकेत दे दिए हैं कि लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में सबसे ज्यादा मोदी उनके निशाने पर होंगे। फिर उसके बाद वह समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेगी।
उन्होंने एक तीर से दो निशाने साधने की रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा कि मोदी जिस दिन उत्तर प्रदेश में रैली करते हैं। उसी दिन मुलायम सिंह रैली करके दिखाना चाहते हैं कि वह उत्तर प्रदेश में मोदी को अकेले टक्कर देंगे। दूसरी पार्टी का कोई वजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुसलिम उनकी साजिश में नहीं आने वाले। वे जानते हैं कि सपा और भाजपा मिलकर ये नाटक खेल रहे हैं। मुजफ्फरनगर दंगे इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों पर निशाना
मायावती ने कहा कि मुलायम गुजरात दंगों का बहुत जिक्र कर रहे है। लेकिन अपनी सरकार के समय मुजफ्फरनगर दंगे और इलाहाबाद में मुसलिम समुदाय की युवतियों के साथ हुए बलात्कार का वह जिक्र नहीं कर रहे।
कांग्रेस की यूपीए सरकार को समर्थन जारी रखने के सवाल पर मायावती ने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के लिए उन्होंने कांग्रेस को समर्थन दिया है।
उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियों दुष्प्रचार कर रही हैं कि बसपा ने भाजपा के साथ मिलकर प्रदेश में तीन बार सरकार बनाई है। इस बार भी वह मोदी को समर्थन देंगी। मगर यह दुष्प्रचार नहीं चलेगा। बसपा मोदी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मोदी ने कभी नहीं बेची चाय
मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मायावती ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला ने खुद कहा है कि मोदी पति धर्म और राज धर्म नहीं निभा सके तो राष्ट्र धर्म क्या निभाएंगे।
मोदी बता रहे हैं कि वह पिछड़े वर्ग से हैं। लेकिन ये कभी नहीं बताया कि वह किस जाति से ताल्लुक रखते हैं। वह झूठा प्रचार कर रहे हैं। वह कभी चाय वाले नहीं थे, बल्कि चाय के एक बड़े कारोबारी थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा का मतलब भारतीय जनता पार्टी नहीं बल्कि ‘बहुत ज्यादा पाप’ है। अब भाजपा का पाप का घड़ा भर गया है।