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केंद्र को मजबूर कर माया ने फिर किया सियासी वार
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Dec 2012 08:59 PM IST
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राज्यसभा में प्रमोशन में आरक्षण बिल पेश करने के लिए सरकार को मजबूर करने के साथ मायावती ने कांग्रेस और यूपीए सरकार पर एक बार फिर राजनीतिक हमला बोल दिया। बृहस्पतिवार को राज्यसभा में इस संशोधन बिल पर बहस के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने एससी/एसटी की खराब हालत के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहरा दिया। इतना ही नहीं उन्होंने इशारों ही इशारों में बिल पेश किए जाने का सारा श्रेय भी खुद ले लिया।
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प्रमोशन में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन बिल पर बहस में चर्चा की शुरुआत ही मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए की। उन्होंने कहा कि देश में सबसे लंबे समय तक कांग्रेस का राज रहा है। लिहाजा एससी/एसटी की बदहाली की जिम्मेदारी भी उसी की है।
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माया के मुताबिक अभी समाज के हालात ऐसे हैं कि एससी/एसटी के लिए हर तरह के आरक्षण की जरूरत है। माया ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण बिल को इस स्थिति में लाने के लिए उन्होंने मेहनत की है। वह पिछले कुछ दिनों से संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ के लगातार संपर्क में थीं ताकि बिल को सफलतापूर्वक सदन में पेश किया जा सके। सदन सुचारु रूप से चलाने की कोशिशों के लिए माया ने कमलनाथ को भी धन्यवाद दिया।
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माया ने एलान किया कि अगर पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और उच्च वर्ग के गरीबों के आरक्षण के लिए कोई बिल आता है तो बसपा दोनों सदनों में उसका पूरा समर्थन करेगी। माया के मुताबिक मौजूदा बिल सिर्फ एससी/एसटी के लिए है और तकनीकी तौर पर इससे ओबीसी को फायदा नहीं पहुंच पा रहा है।
यही वजह है कि ओबीसी के लोग और उसकी राजनीति करने वाली पार्टियां इसका समर्थन नहीं कर रही। मगर देश और समाज को प्रमोशन में आरक्षण की जरूरत है। लिहाजा वह इसके लिए सरकार पर जोर डालती रहेंगी। माया ने राज्यसभा में बिल को पास कराने की जिम्मेदारी सरकार के सिर मढ़ते हुए सभी पार्टियों से गुजारिश की कि वह जातिवाद और दलगत राजनीति से उठकर इस संशोधन बिल के समर्थन में वोट करें।