{"_id":"3f991fd97d149ba3adc7cb5663d4dd80","slug":"mayawati-again-criticized-akhilesh-govt","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अखिलेश को लोगों की नहीं, मंत्री की भैंस की चिंता'","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
'अखिलेश को लोगों की नहीं, मंत्री की भैंस की चिंता'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 07 Feb 2014 09:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के चरमराने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
राज्य सरकार की खिंचाई करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन मंत्री की भैंस की तलाश में जमीन आसमान एक कर देता है लेकिन दिनदहाड़े मारे जाए रहे लोगों की सुध तक नहीं लेता है।
संसद भवन परिसर में उन्होंने राज्य में हाल में घटी कई घटनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य को एक ऐसी सरकार के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए, जिसे आम आदमी की तकलीफों की जगह बस अपने मंत्रियों की ही चिंता है।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो ने हाल ही में मथुरा में बलात्कार पीड़ित महिला की हत्या और मुरादाबाद में एक डॉक्टर के घर में हुई लूट जैसे मामलों का जिक्र करते हुए दलितों पर अत्याचार बढ़ने के आरोप लगाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के चरमरा जाने से राज्य के लोग परेशान हैं। राज्य सरकार और प्रशासन को आम लोगों से ज्यादा मंत्री की भैंस की चिंता है।
राज्य सरकार के मंत्री आजम खां का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि मंत्री की भैंस भी चोरी हो जाए तो सरकार और प्रशासन सक्रिय हो जाता है। मगर यही प्रशासन और सरकार मासूम और निर्दोष लोगों की हत्या पर प्रतिक्रिया तक व्यक्त नहीं करता।
उन्होंने राज्य के लोगों को राहत देने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।