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माया ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Dec 2012 11:27 PM IST
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सरकारी नौकरियों में एससी/एसटी को पदोन्नति में आरक्षण संबंधी बिल को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। इस मुद्दे पर सरकार के दो प्रमुख सहयोगी दल सपा और बसपा आमने सामने हैं, जिससे सरकार की भी परेशानी बढ़ गई है। सपा जहां हर हाल में बिल रोकने पर आमादा है। वहीं, बसपा ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए बिल लाने के लिए तीन दिन का समय दिया है। प्रमोशन में आरक्षण का विरोध करते हुए सपा ने राज्यसभा में सोमवार को न केवल जमकर हंगामा किया बल्कि सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। बिल पर टकराव को समाप्त करने के लिए राज्यसभा के सभापति हामिद हंसारी की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक भी बेनतीजा रही।
बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम दो-तीन दिन देखेंगे कि सरकार और सभापति इस मुद्दे पर क्या फैसला लेते हैं। इसके बाद हम कोई कड़ा रुख अपनाएंगे क्योंकि बसपा के लिए एससी/एसटी बिल काफी महत्वपूर्ण है। मायावती ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि भगवा पार्र्टी के लोगों और उनकी जैसी सोच वाले नहीं चाहते कि यह विधेयक पास हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के विरोध के पीछे भी भाजपा का हाथ है।
वहीं, सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि इस बिल को लेकर कोर्ट के फैसले को बदलने की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश पहले भी की जा चुकी है। अगर यह बिल आएगा तो सपा इसका विरोध करेगी। सपा का कहना है कि पदोन्नति में आरक्षण के सवाल पर सरकार मायावती की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही है। रामगोपाल ने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है। अगर पदोन्नति में आरक्षण को स्वीकार किया जाता है तो नौकरशाही में 80 प्रतिशत लोगों का भविष्य प्रभावित होगा।
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दूसरी ओर सरकार ने इस बात को खारिज कर दिया है कि यह बिल लाकर एफडीआई पर समर्थन के बदले मायावती को तोहफा दिया जा रहा है। पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि इस बिल का कई दल समर्थन कर रहे हैं। सरकार इस बिल को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सपा से बात की जा रही है ताकि बिल पास हो सके। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी सपा को मनाने की बात कही मगर सपा इस बिल के विरोध में पूरी सियासी ताकत झोंकने पर आमादा है। ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर घमासान और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
पदोन्नति में आरक्षण के सवाल पर सरकार मायावती की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही है। पदोन्नति में आरक्षण को सपा किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। संसद के भीतर और बाहर विरोध जारी रहेगा।
रामगोपाल यादव, सपा नेता
बसपा दो-तीन दिन देखेगी कि सरकार और सभापति इस मुद्दे पर क्या फैसला लेते हैं। इसके बाद पार्टी कोई कड़ा रुख अपनाएगी क्योंकि बसपा के लिए एससी/एसटी बिल काफी महत्वपूर्ण है। इस मुद्दे पर बसपा किसी भी हद तक जा सकती है।
मायावती, बसपा प्रमुख
प्रमोशन में आरक्षण बिल का कई दल समर्थन कर रहे हैं। सरकार इस बिल को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सपा से बात की जा रही है ताकि बिल पास हो सके।
वी नारायणसामी, केंद्रीय मंत्री
भाजपा कर सकती है बिल का समर्थन
भाजपा ने संकेत दिए हैं कि वह प्रमोशन में आरक्षण बिल का कुछ संशोधनों के साथ समर्थन कर सकती है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पार्टी संवैधानिक दायरे में उठाए जाने वाले सामाजिक न्याय के सभी कदमों की पक्षधर है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा चाहती है कि बिल में कुछ संशोधन किए जाएं। भाजपा ने इन संशोधनों पर बसपा से भी बात की है।
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बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हम दो-तीन दिन देखेंगे कि सरकार और सभापति इस मुद्दे पर क्या फैसला लेते हैं। इसके बाद हम कोई कड़ा रुख अपनाएंगे क्योंकि बसपा के लिए एससी/एसटी बिल काफी महत्वपूर्ण है। मायावती ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि भगवा पार्र्टी के लोगों और उनकी जैसी सोच वाले नहीं चाहते कि यह विधेयक पास हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के विरोध के पीछे भी भाजपा का हाथ है।
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वहीं, सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि इस बिल को लेकर कोर्ट के फैसले को बदलने की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश पहले भी की जा चुकी है। अगर यह बिल आएगा तो सपा इसका विरोध करेगी। सपा का कहना है कि पदोन्नति में आरक्षण के सवाल पर सरकार मायावती की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही है। रामगोपाल ने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है। अगर पदोन्नति में आरक्षण को स्वीकार किया जाता है तो नौकरशाही में 80 प्रतिशत लोगों का भविष्य प्रभावित होगा।
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दूसरी ओर सरकार ने इस बात को खारिज कर दिया है कि यह बिल लाकर एफडीआई पर समर्थन के बदले मायावती को तोहफा दिया जा रहा है। पीएमओ में राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि इस बिल का कई दल समर्थन कर रहे हैं। सरकार इस बिल को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सपा से बात की जा रही है ताकि बिल पास हो सके। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने भी सपा को मनाने की बात कही मगर सपा इस बिल के विरोध में पूरी सियासी ताकत झोंकने पर आमादा है। ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर घमासान और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
पदोन्नति में आरक्षण के सवाल पर सरकार मायावती की ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही है। पदोन्नति में आरक्षण को सपा किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। संसद के भीतर और बाहर विरोध जारी रहेगा।
रामगोपाल यादव, सपा नेता
बसपा दो-तीन दिन देखेगी कि सरकार और सभापति इस मुद्दे पर क्या फैसला लेते हैं। इसके बाद पार्टी कोई कड़ा रुख अपनाएगी क्योंकि बसपा के लिए एससी/एसटी बिल काफी महत्वपूर्ण है। इस मुद्दे पर बसपा किसी भी हद तक जा सकती है।
मायावती, बसपा प्रमुख
प्रमोशन में आरक्षण बिल का कई दल समर्थन कर रहे हैं। सरकार इस बिल को लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सपा से बात की जा रही है ताकि बिल पास हो सके।
वी नारायणसामी, केंद्रीय मंत्री
भाजपा कर सकती है बिल का समर्थन
भाजपा ने संकेत दिए हैं कि वह प्रमोशन में आरक्षण बिल का कुछ संशोधनों के साथ समर्थन कर सकती है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पार्टी संवैधानिक दायरे में उठाए जाने वाले सामाजिक न्याय के सभी कदमों की पक्षधर है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा चाहती है कि बिल में कुछ संशोधन किए जाएं। भाजपा ने इन संशोधनों पर बसपा से भी बात की है।