केजरीवाल के घर में कलह, पढ़िए मयंक का ब्लॉग पार्ट-2
योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने के बाद आम आदमी पार्टी में एक के बाद एक बगावत के सुर सामने आ रहे हैं। अब आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मयंक गांधी के ब्लॉग 'नेशनल बिल्डिंग' ने एक हंगामा मचा दिया है।
आम आदमी पार्टी के आदेश के खिलाफ जाकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग का ब्योरा अपने ब्लॉग पर लिख कर सार्वजानिक करने के चलते मयंक गांधी और अरविंद केजरीवाल कैंप के माने जा रहे आशीष खेतान में ठन गई है।
अपने ब्लॉग में मयंक गांधी ने 4 मार्च को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को लेकर अपनी बात अपने कार्यकर्ताओं से कही थी। इसके बाद मयंक गांधी ने फिर से अपना दूसरा ब्लॉग लिखकर आशीष खेतान और उनके समर्थकों पर निशाना साधा है।
इस ब्लॉग में 'आप' की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मयंक ने लिखा है कि पहले ब्लॉग में अपनी राय जाहिर करने के बाद अब उनका अपमान किया जा रहा है। मयंक गांधी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि दिल्ली में बैठे कुछ नेताओं के समूह ने मुझे ब्लैकबेरी मेसेंजर ग्रुप तक से निकाल दिया है। ये वहीं नेता हैं जो सारे फैसले करते हैं।
अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहराया था
आपको बताते चले कि मयंक गांधी ने 5 मार्च को अपेन ब्लॉग में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पीएससी से निकाले जाने के लिए सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहराया था।
इसके बाद आशीष खेतान ने मयंक गांधी पर कटाक्ष करते हुए ट्विटर पर लिखा था कि कुछ लोग सुबह-शाम टीवी इंटरव्यू देंगे, कुछ दिल्ली और फिर देश के विकास के लिए दिन-रात काम करेंगे। कुछ लोग ब्लॉग लिखेंगे, कुछ इतिहास लिखेंगे। विडंबना यह है कि हजारों लोग, जिन्होंने अपने खून-पसीने से इस पार्टी को बनाया है, वे न लेख लिख पाते है और न ही टीवी इंटरव्यू की कला में माहिर हैं।
महाराष्ट्र से पार्टी की नेता अंजलि दमानिया ने मयंक गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मयंक ने लगाया गंभीर आरोप
शनिवार को लिखे गए अपने दूसरे ब्लॉग में मयंक ने लिखा कि मैं सचमुच मानता हूं कि अरविंद केजरीवाल देश के लिए उम्मीद हैं और मैंने सब कुछ उन्हीं से सीखा है। मेरा ब्लॉग विद्रोह या पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नहीं है और न ही अपनी तरफ ध्यान खींचने के लिए है।
4 मार्च की मीटिंग के बाद मैंने पारदर्शिता के उच्च सिद्धांतों के तहत ब्लॉग लिखा था। मेरा ब्लॉग केजरीवाल या उनके नेतृत्व को चुनौती देने के लिए नहीं था। मैं इस तरह से काम नहीं करता। अगर आप मेरे पिछले ब्लॉग को सावधानी से पढ़ेंगे, तो पाएंगे कि यह मेरे लिए भी चुनौती थी कि कैसे आदेश का पालन न करूं।
मयंक गांधी ने यहां तक आशंका जताई है कि उन्हें भी अपमानित करके पार्टी से निकाल दिया जाएगा। अपने ब्लॉग में लिखा है कि मेरे ऊपर हमले शुरू हो गए हैं। आशीष खेतान और महाराष्ट्र के दूसरे असंतुष्ट नेताओं ने मेरे खिलाफ इंटरव्यू देने शुरू कर दिए हैं। बाद में मुझे इतना अपमानित किया जाएगा कि मैं पार्टी छोड़ दूंगा।
योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के लिए भी यही योजना बनाई गई थी, लेकिन पार्टी में बने रहकर दोनों ने इस योजना को विफल कर दिया था। उन्होंने लिखा कि अब मेरे ऊपर कीचड़ उछाला जाएगा और मैं देखता हूं कि इसे बर्दाश्त कर पाता हूं कि नहीं।
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अंजलि दामानिया ने प्रशांत भूषण पर लगाया आरोप
आम आदमी पार्टी में कलह बढ़ती ही जा रही है। अंजलि दामानिया ने कहा कि हर कार्यकर्ता और हर नेता पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को सोचना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
अंजलि दामानिया ने कहा कि न किसी नेता को बोलना चाहिए। न किसी को ब्लॉग लिखना चाहिए और न किसी को लेटर लीक करना चाहिए। दिल्ली के चुनाव तक एक भी शब्द नहीं कहूंगी।
13 महीने में 3 चुनाव लड़ना बहुत बड़ी चुनौती थी। लोकसभा चुनावों के बाद कार्यकताओं को मनोबल पूरी तरह से टूट गया था। पार्टी में पहले ही सब कुछ ठीक नहीं था। मयंक गांधी ने अपने ब्लॉग में आधा सच लिखा है। उन्हें पूरा सच लिखना चाहिए था।
अंजलि दामानिया ने कहा मैंने सुना था कि प्रशांत भूषण ने चुनाव में प्रचार करने से मना कर दिया था। तो मैं उनसे मिलने गई थी। उस समय उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली का चुनावों हार जाना चाहिए।