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अंधेरे में डूब सकते हैं देश के कई हिस्से

Sat, 04 Oct 2014 08:58 PM IST
Updated Sat, 04 Oct 2014 08:58 PM IST
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may be the prospect of power shortages in many parts of the country.

आने वाले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में बिजली की समस्या गंभीर हो सकती है। इसकी वजह देश के कई बिजली प्लांटों में कोयले की उपलब्धता काफी कम होना है। इन बिजली घरों में एक हफ्ते से भी कम का कोयला भंडार बचा है।

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केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के 29 सितंबर के आंकड़े के अनुसार, 56 कोयला आधारित बिजली घरों में सात दिनों से कम का भंडार रह गया है।

आंकड़ों के अनुसार, 11 बिजली घरों में कोयला खत्म हो चुका है। 56 बिजली घरों में से 33 में चार दिन से कम का कोयला रह गया है। इन 33 में से 10 बिजली स्टेशनों का संचालन एनटीपीसी कर रही है।
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इन 10 बिजली स्टेशनों में से हरियाणा का इंदिरा गांधी थर्मल पावर स्टेशन, उत्तर प्रदेश के रिहंद, सिंगरौली, टांडा और ऊंचाहार, पश्चिम बंगाल के फरक्का और दुर्गापुर, बिहार का कहलगांव तथा छत्तीसगढ़ के कोरबा और सीपत शामिल हैं।
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7 दिन से भी कम का कोयला भंडार

may be the prospect of power shortages in many parts of the country.

सीईए ने इन बिजली घरों की इस हालत के लिए कोल इंडिया से कोयले की कम सप्लाई को वजह बताया है। कोयला मंत्रालय ने पिछले हफ्ते हालात की समीक्षा की थी और कहा था कि सरकार इस मसले का निपटारा करेगा।

कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले तिमाही (अप्रैल से जून) में बिजली सेक्टर में कोयला 87 फीसदी था।

अधिकारियों के मुताबिक, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) त्योहारों के बाद कोयले का उत्पादन बढ़ाएंगे।

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